भागलपुर नगर निगम ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 619.58 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट पास कर दिया है। मेयर डॉ. बसुंधरा लाल की अध्यक्षता में हुई करीब तीन घंटे की चर्चा के बाद यह फैसला लिया गया। इस बार के बजट में शहर की सफाई और बुनियादी ढांचे में सुधार के साथ-साथ निगम की कमाई बढ़ाने पर जोर दिया गया है। निगम ने इस बजट से लगभग 26 लाख रुपये के मुनाफे का अनुमान लगाया है।
किसे देना होगा कितना ट्रेड लाइसेंस शुल्क?
नगर निगम ने अपनी कमाई बढ़ाने के लिए ट्रेड लाइसेंस के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब 2 करोड़ से 10 करोड़ रुपये और उससे अधिक टर्नओवर वाले कारोबारियों के लिए नए स्लैब बनाए जा रहे हैं।
- 10 लाख से कम टर्नओवर: 1000 रुपये सालाना फीस।
- 10 लाख से अधिक टर्नओवर: 2500 रुपये सालाना फीस।
- नए नियम: पहली बार वेयरहाउस और ट्रांसपोर्टर्स को भी ट्रेड लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया है।
- सख्त निर्देश: बिना लाइसेंस दुकान चलाने वालों को 7 दिन का नोटिस मिलेगा, इसके बाद दुकान सील कर जुर्माना लगाया जाएगा।
शहर की सफाई और विकास के लिए खास योजना
बजट में शहर को सुंदर बनाने और सफाई व्यवस्था को आधुनिक करने के लिए बड़े फंड का इंतजाम किया गया है। इसके अलावा पार्षदों की मांग पर विकास कार्यों के बजट में भी बढ़ोतरी की गई है।
| सुविधा | नया बजट/बदलाव |
|---|---|
| सफाई व्यवस्था (4 साल के लिए) | 250 करोड़ रुपये |
| सड़क मरम्मत | 15 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये किया गया |
| डिजिटल गवर्नेंस | 51 पार्षदों को एक महीने में मिलेंगे लैपटॉप |
| पार्षदों का स्टडी टूर | 20 लाख रुपये का प्रावधान |
प्रशासनिक बदलाव और वसूली का लक्ष्य
टैक्स वसूली को आसान बनाने के लिए भागलपुर को 10 अलग-अलग राजस्व जोन में बांट दिया गया है। हर जोन को कम से कम 30 लाख रुपये का राजस्व जमा करने का टारगेट मिला है। मेयर डॉ. बसुंधरा लाल ने कहा कि यह बजट भागलपुर के लोगों की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि व्यापारियों का ऑन-स्पॉट वेरिफिकेशन किया जाए और मौके पर ही लाइसेंस जारी किए जाएं ताकि निगम 2 करोड़ रुपये का राजस्व लक्ष्य हासिल कर सके।






