पटना में बुधवार 18 मार्च 2026 को छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। गांधी मैदान के गेट नंबर 10 से राजभवन की ओर मार्च कर रहे छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और कई लोगों को हिरासत में लिया। छात्र UGC के नए नियमों और 65% आरक्षण को शिक्षण संस्थानों में तुरंत लागू करने की मांग कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें और मुद्दे
छात्रों की सबसे बड़ी मांग 65% आरक्षण को उच्च शिक्षा में पूरी तरह लागू करना है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कॉलेजों में जाति के आधार पर होने वाले अपमान और भेदभाव को अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वे चाहते हैं कि निजी क्षेत्र में भी आरक्षण दिया जाए और पूरे देश में जाति जनगणना कराई जाए। छात्र नेताओं का कहना है कि सरकार इन नियमों को लागू करने में देरी कर रही है जिससे हाशिए पर रहने वाले छात्रों का भविष्य खराब हो रहा है।
पुलिस कार्रवाई और प्रदर्शन का पूरा घटनाक्रम
| घटना की तारीख | 18 मार्च 2026, बुधवार |
|---|---|
| मुख्य स्थान | गांधी मैदान, JP गोलंबर और डाक बंगला चौराहा |
| शामिल संगठन | AISA, भीम सेना और ऑल इंडिया फोरम फॉर इक्विटी |
| पुलिस की कार्रवाई | बैरिकेडिंग, लाठीचार्ज और हिरासत में लेना |
प्रदर्शनकारी जैसे ही डाक बंगला चौराहे के पास पहुंचे वहां पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने की कोशिश की। छात्रों ने जब बैरिकेड्स पार करने का प्रयास किया तो पुलिस ने बल प्रयोग किया और लाठीचार्ज कर भीड़ को हटाया। कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लेकर वज्र वाहनों में बैठाया। भाकपा माले की नेता दिव्या गौतम और पार्टी कार्यकर्ता भी इस प्रदर्शन में मौजूद रहे।
UGC के नए नियमों पर क्यों मचा है बवाल
UGC ने साल 2026 में ‘Promotion of Equity’ से जुड़े नए नियम बनाए थे जिनका मकसद यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में जाति आधारित भेदभाव को रोकना है। इन नियमों के तहत कॉलेजों में Equal Opportunity Centres और इक्विटी कमेटियां बनाना अनिवार्य किया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी 2026 में इन नियमों पर रोक लगा दी थी। छात्र इसी रोक को हटाने और नए नियमों को सख्ती से लागू करने के लिए सड़क पर उतरे हैं। छात्र नेताओं का आरोप है कि संस्थान पुराने नियमों का भी सही से पालन नहीं कर रहे हैं।






