बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने किशनगंज के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) गौतम कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में बड़ी कार्रवाई की है. 31 मार्च 2026 को उनके छह अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई. यह पूरी कार्रवाई 29 मार्च को पटना के EOU थाने में दर्ज भ्रष्टाचार के मामले के बाद हुई है. जांच में अब तक करोड़ों रुपये की अघोषित संपत्ति का पता चला है.
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छापेमारी के दौरान कौन सी संपत्ति मिली?
जांच टीम को गौतम कुमार के पास से उनकी कमाई से करीब 60 प्रतिशत अधिक संपत्ति मिली है. छापेमारी के दौरान मिले मुख्य सामान और निवेश की सूची कुछ इस प्रकार है:
- पूर्णिया में घर: 3600 वर्ग फुट में बना चार मंजिला मकान जिसकी कीमत करीब 2.5 करोड़ रुपये है.
- कैश और जेवर: सरकारी आवास से 1.37 लाख रुपये नकद और शगुफ्ता शमीम के घर से 60 लाख के जेवर बरामद हुए.
- लग्जरी गाड़ियां: टीम ने मौके से महंगी Creta और Thar जैसी गाड़ियां जब्त की हैं.
- अन्य राज्यों में निवेश: Noida और Gurugram में फ्लैट, Siliguri में चाय बागान और 25 से ज्यादा भूखंडों के दस्तावेज मिले हैं.
मामले में किन लोगों पर दर्ज हुई FIR?
भ्रष्टाचार के इस मामले में EOU ने गौतम कुमार के साथ उनके परिवार के सदस्यों और करीबियों को भी आरोपी बनाया है. इसमें उनकी पत्नी पूनम देवी, उनकी सास और महिला मित्र शगुफ्ता शमीम का नाम शामिल है. शगुफ्ता के आवास से जमीन के सात महत्वपूर्ण दस्तावेज और सोने के आभूषण मिले हैं. अधिकारियों के अनुसार यह संपत्ति बिहार के अलावा पश्चिम बंगाल, हरियाणा और उत्तर प्रदेश तक फैली हुई है जिसकी विस्तृत जांच अभी जारी है.






