भागलपुर जिले में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान जमीन और मकान की रजिस्ट्री से सरकार को बंपर कमाई हुई है. निबंधन विभाग ने इस साल कुल 290 करोड़ रुपये का राजस्व जमा किया है, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग 20% ज्यादा है. इसमें सबसे बड़ा हिस्सा भागलपुर शहर के जिला निबंधन कार्यालय का है, जहां से अकेले 210 करोड़ रुपये की कमाई हुई है. 1 अप्रैल से जमीन की कीमतें बढ़ने की आशंका की वजह से लोगों ने वित्तीय वर्ष खत्म होने से पहले संपत्तियों का पंजीकरण कराया.
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किस क्षेत्र से कितनी हुई कमाई और कितनी हुई रजिस्ट्री
जिला अवर निबंधक प्रियदर्शन के अनुसार, इस पूरे साल जिले भर में कुल 42,327 जमीन की रजिस्ट्री की गई. राजस्व संग्रह में बढ़ोतरी का एक मुख्य कारण जनवरी 2026 से रविवार को भी कार्यालयों का खुला रहना रहा है. नीचे दी गई तालिका में अलग-अलग क्षेत्रों का ब्योरा दिया गया है:
| कार्यालय का नाम | राजस्व (करोड़ में) | रजिस्ट्री की संख्या |
|---|---|---|
| भागलपुर जिला कार्यालय | 210.15 | 21,823 |
| कहलगांव कार्यालय | 47.93 | 12,267 |
| बिहपुर कार्यालय | 32.39 | 8,237 |
| कुल योग | 290 | 42,327 |
1 अप्रैल से लागू हो रहे हैं नए नियम और रजिस्ट्री शुल्क
बिहार सरकार ने पारदर्शिता बढ़ाने के लिए 1 अप्रैल 2026 से जमीन पंजीकरण के नए नियम लागू किए हैं. अब किसी भी संपत्ति की रजिस्ट्री के समय 13 अनिवार्य विवरण देने होंगे. इसमें जमाबंदी संख्या, खाता, खेसरा, मौजा, थाना और जमीन के प्रकार जैसी जानकारियां शामिल हैं. इसके अलावा रजिस्ट्री के दौरान वीडियो रिकॉर्डिंग और आधार लिंकिंग को भी अनिवार्य बनाया गया है ताकि धोखाधड़ी पर लगाम लग सके.
- स्टाम्प ड्यूटी: बिहार में पुरुषों के लिए 6.3% और महिलाओं के नाम पर रजिस्ट्री कराने पर 5.7% स्टाम्प ड्यूटी लगती है.
- पंजीकरण शुल्क: संपत्ति के मूल्य का 2.1% पंजीकरण शुल्क के रूप में देना होता है.
- सर्किल रेट: फिलहाल नए सर्किल रेट लागू नहीं हुए हैं, इसके लिए मंत्रिमंडल की मंजूरी जरूरी है.
- पारिवारिक बंटवारा: सितंबर 2025 से पारिवारिक जमीन का बंटवारा मात्र 100 रुपये के स्टैंप पेपर पर मुमकिन है.
आम जनता के लिए राहत की बात यह है कि आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत स्टाम्प ड्यूटी पर 1.5 लाख रुपये तक की छूट का दावा भी किया जा सकता है. विभाग अब गलत जानकारी देकर कम राजस्व देने वालों पर नकेल कसने के लिए फिजिकल वेरिफिकेशन भी शुरू कर चुका है.






