बिहार पुलिस के अधिकारी गौतम कुमार पर आय से अधिक संपत्ति का बड़ा मामला सामने आया है। किशनगंज के एसडीपीओ रहे गौतम कुमार के ठिकानों पर हुई छापेमारी में करीब 80 करोड़ रुपये की संपत्ति का खुलासा हुआ है। आर्थिक अपराध इकाई यानी EOU ने इस कार्रवाई के बाद उन्हें उनके पद से हटा दिया है और पुलिस मुख्यालय में रिपोर्ट करने का निर्देश दिया है। अब इस पूरे मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच की तैयारी की जा रही है।
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छापेमारी में मिली संपत्तियों का पूरा विवरण
EOU की टीम को जांच के दौरान कई शहरों में संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं। गौतम कुमार और उनके करीबियों के नाम पर करोड़ों का निवेश पाया गया है। इसकी विस्तृत जानकारी नीचे दी गई है।
| संपत्ति का प्रकार | विवरण और स्थान |
|---|---|
| आलीशान मकान | पूर्णिया में 2.5 करोड़ का चार मंजिला घर |
| जमीन के दस्तावेज | 25 से अधिक प्लॉट के कागजात मिले |
| जेवरात | महिला मित्र के घर से 60 लाख के गहने |
| नकद बरामदगी | सरकारी आवास से 1.37 लाख रुपये कैश |
| लक्जरी गाड़ियां | महिंद्रा थार और हुंडई क्रेटा जब्त |
| अन्य निवेश | सिलीगुड़ी में चाय बागान और नोएडा में फ्लैट |
विभागीय कार्रवाई और दर्ज किया गया केस
गौतम कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता के तहत केस दर्ज किया गया है। जांच एजेंसी को उनके कई अवैध व्यापारों से जुड़े होने के इनपुट मिले हैं।
- गौतम कुमार के खिलाफ केस संख्या 03/26 दर्ज की गई है
- किशनगंज का अतिरिक्त प्रभार मंगलेश कुमार सिंह को सौंपा गया है
- कोयला और शराब माफियाओं के साथ संबंधों की जांच हो रही है
- प्रवर्तन निदेशालय यानी ED भी बेनामी संपत्तियों की जांच कर सकती है
- गौतम कुमार ने 1994 में सब-इंस्पेक्टर के रूप में सेवा शुरू की थी






