नीतीश सरकार ने ‘सात निश्चय-3’ योजना के तहत शहरों में पैदल चलने वालों की सुरक्षा और सुविधा के लिए बड़ा फैसला लिया है। राज्यभर में 60 से अधिक फुटओवर ब्रिज बनाए जाएंगे ताकि लोगों को सड़क पार करने में कोई परेशानी न हो। पथ निर्माण विभाग ने इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है जिसके तहत जेब्रा क्रॉसिंग को चौड़ा किया जाएगा और नए इलेक्ट्रिक सिग्नल लगाए जाएंगे। यह योजना साल 2025 से 2030 के बीच पूरी तरह लागू की जाएगी।
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पटना और भागलपुर में क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी?
राजधानी पटना में सात नए फुटओवर ब्रिज बनाने की योजना है जिनमें से तीन पुलों में लिफ्ट की सुविधा भी दी जाएगी। इन सात पुलों को बनाने में करीब 15.72 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है जबकि कुल प्रोजेक्ट लगभग 20 करोड़ रुपये का है। भागलपुर जिले में भी फुटओवर ब्रिज के साथ-साथ पब्लिक अंडरपास और गाड़ियों के लिए अंडरपास बनाए जाएंगे। सरकार का मुख्य उद्देश्य एक्सीडेंट वाले इलाकों में सुरक्षित फुटपाथ तैयार करना है ताकि सड़क हादसों में कमी आए।
अतिक्रमण हटाने और सड़क मरम्मत के लिए क्या है नया नियम?
सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए सरकार ने अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया है। अधिकारियों का लक्ष्य है कि 31 मार्च 2026 तक राज्य के सभी फुटपाथों को पूरी तरह खाली करा लिया जाए। इसके अलावा सड़कों की हालत सुधारने के लिए कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं:
- Humara Bihar, Hamari Sadak App: इस ऐप के जरिए आम जनता सड़क के गड्ढों की शिकायत कर सकती है जिसका समाधान 48 घंटे में करना होगा।
- QR Code System: सड़क खराब होने पर लोग क्यूआर कोड स्कैन करके अपनी शिकायत और फोटो भेज सकते हैं।
- Patna Projects: मीठापुर ओवरब्रिज को चिरैयाटांड़ फ्लाईओवर से जोड़ने के लिए 375 करोड़ रुपये से ज्यादा के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है।
- New Expressways: सात निश्चय-3 के तहत राज्य में पांच नए एक्सप्रेसवे बनाने की तैयारी है जिसके लिए जमीन अधिग्रहण का काम चल रहा है।






