बिहार में भ्रष्टाचार के एक बड़े मामले ने सबको चौंका दिया है. किशनगंज के DSP गौतम कुमार की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. उनकी 80 करोड़ की कथित बेनामी संपत्ति की जांच के दौरान अब उनकी नौकरानी पारो का नाम सामने आया है. जांच में पता चला है कि पारो न केवल लग्जरी लाइफ जी रही थी, बल्कि उसके पास करोड़ों की संपत्ति भी मिली है. इस खुलासे के बाद आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की जांच और भी तेज हो गई है.
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नौकरानी की लग्जरी लाइफ और बरामद हुई संपत्ति
आर्थिक अपराध इकाई की जांच में यह बात सामने आई है कि DSP की नौकरानी पारो 35 लाख रुपये की कार से काम पर आती थी. उसके नाम पर करोड़ों की प्रॉपर्टी होने का भी दावा किया जा रहा है. 31 मार्च 2026 को शुरू हुई इस रेड के बाद से हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं. अधिकारियों ने अब तक DSP और उनके करीबियों के ठिकानों से करोड़ों की बेनामी संपत्ति के दस्तावेज और कैश बरामद किए हैं. गौतम कुमार पर आरोप है कि उन्होंने पद का गलत इस्तेमाल कर ये काली कमाई जमा की है.
DSP गौतम कुमार और उनके करीबियों पर हुई कार्रवाई
EOU ने गौतम कुमार के खिलाफ उनकी आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है. जांच में उनकी पत्नी रूबी कश्यप, जो एक सरकारी शिक्षिका हैं, उनके पास से भी पुलिस लोगो वाली Mahindra Thar गाड़ी बरामद हुई है. इसके अलावा पूर्णिया में उनका 4 मंजिला आलीशान बंगला और नोएडा-गुरुग्राम में फ्लैट के निवेश के दस्तावेज मिले हैं. गौतम कुमार को उनके पद से हटाकर मुख्यालय रिपोर्ट करने को कहा गया है और जल्द ही उनके निलंबन की संभावना भी जताई जा रही है.
80 करोड़ की संपत्ति में अब तक क्या-क्या मिला?
इस बड़े घोटाले में जांच एजेंसी को अब तक कई निवेश और भौतिक संपत्तियों की जानकारी मिली है. इसकी विस्तृत जानकारी नीचे दी गई है:
| संपत्ति का विवरण | अनुमानित कीमत/विवरण |
|---|---|
| कुल अनुमानित अवैध संपत्ति | लगभग 80 करोड़ रुपये |
| पूर्णिया में 4 मंजिला बंगला | 2.5 करोड़ (1 करोड़ का फर्नीचर) |
| जेवर (महिला मित्र के घर से) | 60 लाख रुपये |
| जमीन के दस्तावेज | 36 कागजात |
| सरकारी आवास से बरामद कैश | 1.37 लाख रुपये |
| अन्य निवेश | Noida, Gurugram फ्लैट और Siliguri में टी गार्डन |
इस मामले में DSP की पत्नी रूबी कश्यप, सास पूनम देवी और महिला मित्र शगुफ्ता शमीम को 6 अप्रैल 2026 को पटना मुख्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया गया है. अब इस केस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के भी शामिल होने की उम्मीद है ताकि मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से पूरी जांच की जा सके.






