बिहार के लोगों को बढ़ते ट्रैफिक और रेलवे फाटकों पर लगने वाले लंबे जाम से निजात दिलाने के लिए रेल मंत्रालय ने एक बड़ा फैसला लिया है। राज्य के विभिन्न इलाकों में 219 रेलवे समपारों पर रोड ओवर ब्रिज (ROB) और अंडर ब्रिज (RUB) बनाए जाएंगे। रेल मंत्रालय ने इसके लिए बजट भी जारी कर दिया है जिससे आने वाले समय में सड़क यात्रियों के साथ-साथ रेल परिचालन में भी काफी सुविधा होगी।
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किन जगहों पर बनेंगे नए पुल और कितना आएगा खर्च?
इस बड़ी परियोजना के तहत बिहार के अलग-अलग जिलों को कवर किया गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए मंत्रालय ने 78 पुलों के निर्माण को विशेष रूप से मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं का पूरा खर्च केंद्र सरकार द्वारा उठाया जाएगा। बिहार के लिए रेलवे का कुल बजट आवंटन भी बढ़ाकर 10,066 करोड़ रुपये कर दिया गया है जिससे विकास कार्यों में तेजी आएगी।
| प्रोजेक्ट का नाम | अनुमानित लागत |
|---|---|
| कुल प्रस्तावित ROB/RUB | 219 |
| 2025-26 में मंजूर पुल | 78 |
| बिहार रेल बजट 2025-26 | 10,066 करोड़ रुपये |
| भागलपुर रेल बाईपास प्रोजेक्ट | 647.58 करोड़ रुपये |
| कटिहार डिवीजन ओवरब्रिज | 177 करोड़ रुपये |
| दिघवारा-अंबिका भवानी हॉल्ट ROB | 124.78 करोड़ रुपये |
| कोइलवर चार लेन रेल पुल (प्रस्तावित) | 3500-4000 करोड़ रुपये |
आम यात्रियों और व्यापारियों को क्या लाभ मिलेगा?
इन पुलों के निर्माण से सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को होगा जो हर दिन रेलवे क्रासिंग पर घंटों जाम में फंसते हैं। व्यापारियों के लिए सामान की ढुलाई आसान होगी और छात्रों के साथ-साथ इमरजेंसी में अस्पताल जाने वाले मरीजों का समय बचेगा। इसके अलावा रेलवे ट्रैक खाली रहने से ट्रेनों की रफ्तार भी बढ़ सकेगी। जुलाई 2025 तक लगभग 6,014 करोड़ रुपये की लागत वाली 218 योजनाओं पर काम पहले से ही अलग-अलग चरणों में चल रहा है।






