बिहार पुलिस के किशनगंज में तैनात रहे पूर्व एसडीपीओ गौतम कुमार को सरकार ने आधिकारिक तौर पर सस्पेंड कर दिया है। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की जांच में उनके पास करोड़ों की अवैध संपत्ति मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई है। जांच में खुलासा हुआ है कि गौतम कुमार ने अपनी आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की और उसे अपनी पत्नी, महिला मित्र और यहां तक कि घर की नौकरानी के नाम पर भी निवेश किया।
गौतम कुमार और उनके करीबियों के पास क्या-क्या मिला?
EOU की जांच में यह पाया गया कि गौतम कुमार ने अपनी आय से बहुत ज्यादा संपत्ति जमा की थी। शुरुआती जांच में यह आंकड़ा करीब 1.94 करोड़ रुपये बताया गया था, लेकिन अब अधिकारियों का मानना है कि यह 80 से 90 करोड़ रुपये या उससे भी ज्यादा हो सकता है। उनके पास से 30 से ज्यादा जमीनों के कागजात और कई कीमती गाड़ियां मिली हैं।
| संपत्ति/सामान | विवरण |
|---|---|
| बेनामी जमीन | 30 से 36 अलग-अलग भूखंड (प्लॉट) |
| सोने के जेवर | करीब 60 लाख रुपये के (शगुफ्ता शमीम के घर से) |
| नकद राशि | 1.37 लाख रुपये घर से बरामद |
| गाड़ियां | महिंद्रा थार, हुंडई क्रेटा और बुलेट मोटरसाइकिल |
| मकान | पूर्णिया में 4 मंजिला आलीशान घर (कीमत करीब 2.5 से 4 करोड़) |
जांच के घेरे में कौन-कौन से लोग शामिल हैं?
इस पूरे मामले में गौतम कुमार के साथ उनके परिवार के सदस्य और करीबी लोग भी रडार पर हैं। पुलिस उन लोगों की तलाश कर रही है जिनके नाम पर संपत्तियां खरीदी गई थीं।
- शगुफ्ता शमीम: गौतम कुमार की महिला मित्र, जिनके नाम पर 7 प्लॉट और लाखों के जेवर मिले हैं।
- पारो उर्फ पूजा: घर की नौकरानी, जिसे कथित तौर पर 1 करोड़ का घर और बुलेट गिफ्ट की गई थी। वह फिलहाल फरार है।
- रूबी कश्यप: पत्नी और सरकारी शिक्षिका, जिनके नाम पर कई संपत्तियां दर्ज हैं।
- पूनम देवी: सास, जिनके नाम पर गाड़ियां और जमीनें खरीदी गई थीं।
- प्रकाश राय: ड्राइवर, जिसके नाम पर एसयूवी रजिस्टर है और उसके संबंध शराब माफिया से बताए जा रहे हैं।
पूछताछ में तबीयत बिगड़ने का दिया हवाला
EOU की टीम ने हाल ही में गौतम कुमार को पटना दफ्तर बुलाकर करीब पांच घंटे तक पूछताछ की। अधिकारियों के मुताबिक पूछताछ के दौरान उन्होंने सवालों के सीधे जवाब नहीं दिए और कई बार तबीयत खराब होने की बात कही। अब उन्हें दोबारा 10 अप्रैल को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनकी 34 साल की नौकरी के दौरान सीमावर्ती जिलों में बार-बार हुई पोस्टिंग और शराब माफियाओं से उनके कनेक्शन की भी गहराई से जांच की जा रही है। दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम में भी उनकी संपत्तियों की तलाश के लिए टीमें भेजी जा रही हैं।






