बरौनी-कटिहार रेलखंड के लाखो रेलवे स्टेशन के पास शुक्रवार 23 जनवरी 2026 को एक बड़ा रेल हादसा होते-होते बच गया। कटिहार से पटना जा रही 15713 इंटरसिटी एक्सप्रेस के पहियों से अचानक तेज चिंगारियां और धुआं निकलने लगा। बोगी नंबर 11 के नीचे आग की लपटें और धुआं देखकर यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। चालक और गार्ड की मुस्तैदी की वजह से ट्रेन को समय रहते रोक लिया गया जिससे एक बड़ी अनहोनी टल गई।
आखिर क्यों ट्रेन के पहियों से निकलने लगा धुआं?
यह घटना सुबह करीब 10:25 बजे हुई जब ट्रेन अपने तय समय से सवा घंटे की देरी से चल रही थी। जैसे ही ट्रेन लाखो स्टेशन से गुजरी, वहां मौजूद लोगों की नजर पहियों से निकलती चिंगारियों पर पड़ी। तकनीकी कर्मियों ने बताया कि गर्मी की वजह से पहियों में घर्षण यानी Friction पैदा हुआ था। हालांकि बख्तियारपुर स्टेशन प्रबंधक शैलेंद्र कुमार ने बाद में स्पष्ट किया कि यह समस्या ब्रेक बाइंडिंग की वजह से हुई थी। कुछ यात्रियों ने वायरिंग में गड़बड़ी की आशंका भी जताई थी लेकिन जांच के बाद इसे ठीक कर लिया गया।
यात्रियों में अफरा-तफरी और परिचालन पर असर
ट्रेन के रुकते ही यात्री घबराकर पटरियों की तरफ भागने लगे। गेटमैन और रेल कर्मचारियों ने अग्निशमन यंत्रों की मदद से धुएं पर काबू पाया। इस घटना के कारण बरौनी-कटिहार रेलखंड की अप और डाउन दोनों लाइनों का परिचालन काफी देर तक प्रभावित रहा।
- ट्रेन नंबर 15713 इंटरसिटी एक्सप्रेस करीब 20 मिनट तक रुकी रही
- कई यात्री परेशान होकर ट्रेन छोड़कर सड़क मार्ग से रवाना हो गए
- रेलवे प्रशासन ने पूरी जांच के बाद ट्रेन को पटना के लिए रवाना किया
- इस पूरी घटना में किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है






