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RJD के वरिष्ठ नेता विजय कृष्णा ने पार्टी से इस्तीफा दिया है, जो हाल की चुनावी हार के बाद एक बड़ा झटका है।
पटना में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को एक और बड़ा झटका लगा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद विजय कृष्णा ने हाल ही में अपने इस्तीफे की घोषणा की है। उन्होंने यह इस्तीफा सीधे RJD प्रमुख लालू प्रसाद को भेजा है। इस पत्र में उन्होंने पार्टी राजनीति और सक्रिय राजनीतिक जीवन से दूर जाने की बात कही है।
विजय कृष्णा, जो बिहार राजनीति में एक जाना-पहचाना नाम हैं, ने अपने पत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि वे RJD की प्राथमिक सदस्यता और सभी संगठनात्मक पदों से इस्तीफा दे रहे हैं। उन्होंने लालू प्रसाद से निवेदन किया कि वे उनके इस्तीफे को जल्द से जल्द स्वीकार करें। यह निर्णय RJD के लिए एक और चुनौती साबित हो रहा है।
74 वर्षीय विजय कृष्णा को 2004 में Nitish Kumar को हराने के लिए याद किया जाता है। उन्होंने कई बार बिहार सरकार में मंत्री का पद संभाला है। हालांकि, 2009 में RJD द्वारा टिकट ना मिलने पर उन्होंने JD(U) में कुछ समय बिताया, परंतु एक साल बाद वापस RJD में लौट आए।
उनकी राजनीतिक यात्रा में कई उतार-चढ़ाव आए। 2013 में उन पर हत्या का आरोप लगा था और उन्हें आजीवन कारावास की सजा मिली थी। हालांकि, 2022 में वे इस मामले से बरी हो गए। उन्होंने 1977 में जनता पार्टी के राज्य महासचिव के रूप में अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी।
अब, उनके राजनीति से बाहर होने का मतलब है कि RJD को एक और चुनौती का सामना करना पड़ेगा। विजय कृष्णा का लंबा और घटनापूर्ण करियर समाप्त हो गया है, जो पार्टी के लिए एक बड़ा झटका है।
Summary:
- विजय कृष्णा ने RJD से इस्तीफा दिया है।
- उन्होंने पार्टी राजनीति से दूर जाने का फैसला किया है।
- उनका इस्तीफा RJD के लिए एक बड़ा झटका है।
- विजय कृष्णा की राजनीतिक यात्रा में कई उतार-चढ़ाव रहे हैं।
- उनका इस्तीफा पार्टी के लिए एक नई चुनौती का संकेत है।






