क्या है अंदर:

इस लेख में बिहार में चल रही ठंड की लहर के कारण स्कूल बंद होने और परिवहन सेवाओं में देरी की जानकारी दी गई है।




पटना में ठंडी लहर ने लोगों की जिंदगी को मुश्किल बना दिया है। बर्फीली हवाओं, घने कोहरे और बहुत कम तापमान के कारण स्कूल बंद हो रहे हैं और परिवहन में देरी हो रही है। प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा के लिए पटना में सभी स्कूल 26 दिसंबर तक बंद रखने का आदेश दिया है। वहीं, लखीसराय में स्कूल 4 जनवरी तक बंद रहेंगे।



दक्षिण बिहार में ठंड सबसे अधिक महसूस की जा रही है। गया का तापमान 4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो पहाड़ी क्षेत्रों जैसे मनाली में होता है। राजगीर राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहाँ तापमान 6.6 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। पिछले 24 घंटों में चार जिलों में तापमान 8 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है।



परिवहन सेवाएँ भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। ट्रेनें धुंध के कारण धीमी चल रही हैं। राजधनी एक्सप्रेस, जो सामान्यतः तेज चलती है, अब कुछ रूट्स पर 10 घंटे तक देरी से चल रही है। पटना हवाई अड्डे पर भी 38 उड़ानें देर से आई और गईं, जिससे यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा।



मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह ठंड सक्रिय जेट स्ट्रीम के कारण है, जो ठंडी हवाओं को सीधे मैदानों तक ला रही है। बिहार के कई हिस्सों में सूरज की रोशनी गायब है, और दिनभर कोहरा छाया रहता है। दिन और रात के तापमान में बहुत कम अंतर होने से ठंड का एहसास और बढ़ गया है।



अगले कुछ दिनों तक घना कोहरा जारी रहने की संभावना है। लोग सुबह और रात में कम दृश्यता के चलते यात्रा करने से बचें। सड़कों पर सावधानी बरतें और खुद को सुरक्षित रखने के उपाय करें क्योंकि ठंड की लहर अभी खत्म होने का कोई संकेत नहीं दे रही है।





सारांश:

  • बिहार में ठंडी लहर जारी है, जिससे स्कूल बंद हैं।

  • गया और राजगीर में तापमान बहुत कम है।

  • परिवहन सेवाएं धीमी हो रही हैं और ट्रेनें देरी से चल रही हैं।

  • घने कोहरे के कारण यात्रा में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

  • ठंड की लहर अभी खत्म होने का कोई संकेत नहीं दिखा रही है।



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