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इस लेख में बिहार कृषि विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित किसान दिवस समारोह के बारे में जानकारी दी गई है, जिसमें किसानों को सम्मानित किया गया और कृषि विकास पर जोर दिया गया है।




भागलपुर में बिहार कृषि विश्वविद्यालय (BAU), सबौर ने एक शानदार किसान दिवस मनाया। इस अवसर पर उन प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसान केंद्रित विकास को प्रोत्साहित करना और वैज्ञानिक खेती के तरीकों को बढ़ावा देना था।



कार्यक्रम में 290 लोग शामिल हुए, जिनमें 176 पुरुष किसान, 97 महिला किसान और 18 अधिकारी शामिल थे। आयोजन का माहौल उत्साह और गरिमा से भरा था। BAU के वरिष्ठ अधिकारी और विषय विशेषज्ञ भी इस कार्यक्रम में उपस्थित थे, जिससे कार्यक्रम को और महत्व मिला।



किसानों को उनके नवाचार, उच्च उत्पादकता, मूल्य संवर्धन और सामुदायिक पहलों के लिए सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने “विकसित भारत – जी. राम जी बिल 2025” के मुख्य पहलुओं पर चर्चा की, जिसमें किसानों की आय बढ़ाना, महिलाओं और युवाओं को सशक्त बनाना, और जलवायु के अनुकूल और टिकाऊ कृषि का समर्थन करना शामिल है।



किसान दिवस पर उपकुलपति डॉ. डी.आर. सिंह ने किसानों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसान हमारे देश की अर्थव्यवस्था का backbone हैं और बिहार कृषि विश्वविद्यालय किसानों के साथ मिलकर स्थायी और लाभदायक कृषि को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।



कार्यक्रम का समापन एक इंटरएक्टिव सत्र और औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसने विश्वविद्यालय की किसानों को सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया।





Summary:

  • किसान दिवस का आयोजन बिहार कृषि विश्वविद्यालय में हुआ।

  • 290 प्रतिभागियों ने कार्यक्रम में भाग लिया।

  • किसानों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

  • महत्वपूर्ण कृषि नीतियों पर चर्चा हुई।

  • कार्यक्रम ने किसानों को सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता को दोहराया।



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