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पटना के सार्वजनिक परिवहन प्रणाली में बदलाव हो रहा है, जिसमें सरकारी बसों को रूट नंबर दिए जाएंगे। यह शहर को अन्य महानगरों के साथ लाएगा।
पटना में सार्वजनिक परिवहन प्रणाली में सुधार होने वाला है। जल्द ही सरकारी बसों को रूट नंबर दिए जाएंगे, जिससे यात्री आसानी से बसों की पहचान कर सकेंगे। यह कदम शहर के लिए एक नई शुरुआत है।
क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (RTA) रूट नंबर जारी करेगा, जिससे यात्रियों को बसों और उनके गंतव्यों के बारे में जानकारी मिलेगी। बस स्टॉप पर हर रूट की जानकारी और टाइमिंग भी प्रदर्शित की जाएगी।
वर्तमान में, 140 सरकारी बसें गांधी मैदान से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में चलती हैं। इनमें पटना AIIMS, बिहटा और हाजीपुर शामिल हैं। कुछ रूट पहले से ही नंबर वाले हैं, जैसे 444 हाजीपुर, 888 बिहटा, और 222 पटना AIIMS के लिए।
यात्रियों को केवल निर्धारित बस स्टॉप पर ही चढ़ने और उतरने की अनुमति होगी। शहर में 103 सरकारी बस स्टॉप हैं, लेकिन कई बार बसें नियमों का पालन नहीं करती हैं। ऐसे में ड्राइवरों और कंडक्टर्स पर जुर्माना भी लगाया जाएगा।
आगे बढ़ते हुए, नए साल से ऑटो-रिक्शा के लिए नए परमिट रूट नंबर के अनुसार जारी किए जाएंगे। शहर को तीन ज़ोन में बांटा जाएगा, जिससे भीड़भाड़ कम हो सके। ऑटो-रिक्शा केवल अपने निर्धारित ज़ोन में चलेंगे।
Summary:
- पटना में सरकारी बसों को रूट नंबर दिए जाएंगे।
- क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण रूट नंबर जारी करेगा।
- यात्री केवल निर्धारित बस स्टॉप पर चढ़ सकेंगे।
- ऑटो-रिक्शा के नए परमिट रूट नंबर के अनुसार होंगे।
- शहर को तीन ज़ोन में विभाजित किया जाएगा।






