भागलपुर से मुंगेर तक बनने वाले गंगा मरीन ड्राइव प्रोजेक्ट में एक बड़ा बदलाव प्रस्तावित है। मरीन ड्राइव के निर्माण स्थल को 40 मीटर उत्तर दिशा में शिफ्ट करने का प्रस्ताव रखा गया है। सुलतानगंज के विधायक प्रो. ललित नारायण मंडल ने इस बारे में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की और उन्हें औपचारिक रूप से आवेदन सौंपा।
मुख्यमंत्री के साथ हुई बातचीत में लोगों की ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए समस्या का समाधान निकालने का आश्वासन दिया गया। गंगा नदी का इस क्षेत्र में ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व है। पहले भी नदी के किनारे हुए निर्माण कार्यों को लेकर कई सवाल उठते रहे हैं, खासकर पर्यावरण और लोगों के जीवन पर पड़ने वाले असर को लेकर।
विधायक प्रो. मंडल ने क्या कहा?
विधायक प्रो. मंडल ने बताया कि साइट का चुनाव करते समय इस बात का ध्यान रखा जा रहा है कि मरीन ड्राइव बनने से किसी भी परिवार का घर न टूटे। उन्होंने मुख्य सचिव दीपक कुमार और पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव कपिल देव से भी इस बारे में बात की है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि प्रोजेक्ट में लोगों की ज़रूरतों को प्राथमिकता दी जाएगी और किसी को भी बेघर नहीं किया जाएगा।
पक्की सीढ़ी घाट का मुद्दा भी उठा
मुख्यमंत्री के साथ मुलाकात में विधायक ने सुलतानगंज में गंगा रीवर फ्रंट की तर्ज पर पक्की सीढ़ी घाट परियोजना का मुद्दा भी उठाया। मुख्य सचिव दीपक कुमार ने वित्त विभाग के मुख्य सचिव आनंद किशोर से बात करके जल्द समाधान निकालने की बात कही है। बिहार सरकार राज्य भर में रीवर फ्रंट डेवलपमेंट प्रोजेक्ट को बढ़ावा दे रही है।
मरीन ड्राइव और रीवर फ्रंट से क्या होगा फायदा?
विधायक प्रो. ललित नारायण मंडल का कहना है कि गंगा मरीन ड्राइव और गंगा रीवर फ्रंट परियोजना से सुलतानगंज का विकास होगा। इन प्रोजेक्ट से पर्यटन बढ़ेगा, अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और रोजगार के नए मौके मिलेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले दिनों में श्रावणी मेला को देखते हुए गंगा रीवर फ्रंट की तर्ज पर पक्की सीढ़ी घाट का निर्माण मेला लगने से पहले शुरू कर दिया जाएगा। इससे लाखों कांवरियों और श्रद्धालुओं को गंगा स्नान करने में आसानी होगी।






