चेन्नई से बिहार के शेखपुरा जिले के एक परिवार के साथ हुई बड़ी अनहोनी की खबर आई है। काम की तलाश में चेन्नई गए गौरव कुमार और उनके परिवार की बेरहमी से हत्या कर दी गई है। पुलिस ने गौरव और उनके दो साल के बेटे का शव बरामद कर लिया है, जबकि पत्नी मुनीता कुमारी अभी भी लापता हैं। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और पुलिस इसे सामूहिक हत्या मानकर जांच कर रही है।
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कैसे और कब हुई यह घटना?
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह मामला एक ट्रिपल मर्डर का है। शेखपुरा के पथलाफार गांव के रहने वाले गौरव कुमार 16 जनवरी को ही अपनी पत्नी और बच्चे के साथ चेन्नई पहुंचे थे। 25 जनवरी को आरोपियों ने इस वारदात को अंजाम दिया।
- गौरव का शव 26 जनवरी को अड्यार के इंदिरा नगर में एक बोरी में मिला।
- उनके 2 साल के बेटे गुड्डू का शव बाद में कूउम नदी से बरामद किया गया।
- पत्नी मुनीता की तलाश अभी भी पेरुंगुडी डंपयार्ड और नदी के आसपास की जा रही है।
दोस्तों ने ही दिया धोखा
पुलिस ने इस मामले में बिहार के ही रहने वाले 5 से 7 लोगों को हिरासत में लिया है। मुख्य आरोपी उपेंद्र यादव बताया जा रहा है जो मृतक की पत्नी का परिचित था और उसी ने नौकरी दिलाने के बहाने उन्हें बुलाया था। जानकारी के मुताबिक, आरोपियों ने शराब के नशे में मुनीता के साथ गलत हरकत करने की कोशिश की। जब गौरव ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने उनकी हत्या कर दी और फिर सबूत मिटाने के लिए पत्नी और बच्चे को भी मार डाला।
परिवार की पहचान और पुलिस की कार्रवाई
चेन्नई पुलिस ने गौरव की जेब से मिले एक पर्चे के जरिए उनकी पहचान की और उनके बड़े भाई सौरव को सूचित किया। भाई ने चेन्नई पहुंचकर शव की शिनाख्त की है। पुलिस ने इस मामले में हत्या और सबूत मिटाने का केस दर्ज किया है और विशेष टीमें आरोपियों से पूछताछ कर रही हैं। यह घटना काम की तलाश में बाहर जाने वाले लोगों की सुरक्षा पर भी बड़े सवाल खड़े करती है।






