बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता पंकज त्रिपाठी (Pankaj Tripathi) एक बार फिर अपने पैतृक गांव बेलसंड, गोपालगंज पहुंचे हैं। इस बार उनके आने का मुख्य उद्देश्य अपनी दिवंगत मां हेमवंती देवी की विशेष पूजा और अनुष्ठान में शामिल होना है। इसके साथ ही उन्होंने गांव में आयोजित होने वाले पारंपरिक फागुन उत्सव में भी हिस्सा लिया। पंकज त्रिपाठी अपनी व्यस्त दिनचर्या से समय निकालकर अक्सर पारिवारिक और सामाजिक कार्यों के लिए गांव आते रहते हैं।
मां की याद में आयोजित पूजा में लिया भाग
पंकज त्रिपाठी की मां हेमवंती देवी का निधन 31 अक्टूबर 2025 को हुआ था। उनके निधन के बाद होने वाले तीन-मासिक अनुष्ठान और शांति पूजा के लिए अभिनेता अपने पूरे परिवार के साथ गांव आए हैं। बेलसंड स्थित उनके पैतृक निवास पर यह पूजा आयोजित की गई, जिसमें उनके बड़े भाई बिजेंद्र तिवारी और परिवार के अन्य करीबी सदस्य मौजूद रहे। पंकज त्रिपाठी ने विधि-विधान के साथ तर्पण और अन्य धार्मिक कार्य संपन्न किए।
फागुन उत्सव और गांव के विकास पर नजर
पूजा-पाठ के अलावा पंकज त्रिपाठी ने गांव के ‘फागुन उत्सव’ में भी शिरकत की। यह होली से पहले मनाया जाने वाला एक सांस्कृतिक कार्यक्रम है जिसमें स्थानीय कलाकार और ग्रामीण लोकगीतों का आनंद लेते हैं। अपनी इस निजी यात्रा के दौरान उन्होंने गांव के उस उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का भी दौरा किया जिसे उन्होंने गोद लिया है। अपने माता-पिता के नाम पर बने ‘पंडित बनारस तिवारी – हेमवंती देवी फाउंडेशन’ के जरिए वे यहां लाइब्रेरी और स्कूल के जीर्णोद्धार का काम करवा रहे हैं। परिवार ने इस यात्रा को निजी रखा है और लोगों से सादगी बनाए रखने की अपील की है।






