गोड्डा और पीरपैंती के बीच नई रेल लाइन के निर्माण कार्य में तेजी आ गई है। रेलवे ने इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के पहले चरण के लिए टेंडर प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है। पहले फेज में गोड्डा से महागामा के बीच लाइन बिछाई जाएगी। इस काम के लिए करीब 531 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इलाके के लोग लंबे समय से इस रेल कनेक्टिविटी की मांग कर रहे थे, क्योंकि अभी यहां यातायात के लिए सिर्फ सड़क मार्ग ही विकल्प है।
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गोड्डा से महागामा सेक्शन में क्या काम होगा?
ईस्टर्न रेलवे द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक, गोड्डा से महागामा तक के हिस्से में सिविल इंजीनियरिंग का काम, पटरियां बिछाना, बिजली का काम और सिग्नल सिस्टम लगाने का काम शामिल है। इस सेक्शन की लंबाई लगभग 32 किलोमीटर है। झारखंड सरकार ने इस चरण के लिए जरूरी जमीन रेलवे अधिकारियों को सौंप दी है। गोड्डा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने भी बताया है कि इस लाइन को आगे कटारिया तक ले जाने की योजना है।
आम लोगों और व्यापारियों को कैसे होगा फायदा?
यह रेल लाइन सिर्फ यात्रियों के लिए नहीं, बल्कि व्यापार के लिहाज से भी बहुत अहम है। इसके बनने से एनटीपीसी फरक्का के लिए कोयले की ढुलाई आसान हो जाएगी। अभी कोयला कहलगांव के रास्ते ले जाना पड़ता है। इसके अलावा मिर्जा चौकी, पाकुड़ और साहिबगंज के स्टोन चिप्स कारोबारियों को भी माल ढुलाई में आसानी होगी। पीरपैंती पावर प्लांट को भी इस रेल लिंक से सीधा फायदा मिलेगा।
प्रोजेक्ट का कुल खर्च और जमीन की स्थिति
पूरे प्रोजेक्ट की लंबाई करीब 62 किलोमीटर है और इस पर कुल 1,393 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। रेलवे मंत्रालय अब पूरा खर्च खुद उठा रहा है। हालांकि, दूसरे चरण में महागामा से पीरपैंती के बीच जमीन अधिग्रहण में कुछ दिक्कतें आ रही हैं। पीरपैंती के पास कुछ गांवों में किसान अपनी उपजाऊ जमीन देने को तैयार नहीं हैं, लेकिन रेलवे का कहना है कि एलाइनमेंट बदलना संभव नहीं है।
- कुल लंबाई: 62 किलोमीटर
- कुल लागत: लगभग 1400 करोड़ रुपये
- पहला फेज: गोड्डा से महागामा (टेंडर जारी)
- दूसरा फेज: महागामा से पीरपैंती






