भागलपुर के तिलकामांझी स्थित ATMA परिसर में पांच दिवसीय बकरी पालन प्रशिक्षण (Commercial Goat Farming Training) 7 फरवरी 2026 को संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में किसानों को खेती के साथ पशुपालन को एक प्रोफेशनल बिजनेस की तरह अपनाने की सलाह दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि अगर सही तरीके से मार्केटिंग और मैनेजमेंट किया जाए, तो बकरी पालन से किसान अपनी आमदनी को कई गुना बढ़ा सकते हैं। इस ट्रेनिंग में शामिल किसानों को अब ‘मास्टर ट्रेनर’ का दर्जा दिया गया है जो अपने गांव में दूसरों को जागरूक करेंगे।

100 बकरियों से कितनी कमाई हो सकती है?

मुख्य प्रशिक्षक Santosh Kumar ने बताया कि 100 बकरियों का फार्म शुरू करके दो साल के भीतर 12 से 20 लाख रुपये तक की सालाना आय हासिल की जा सकती है। हालांकि, नए किसानों को सलाह दी गई है कि वे शुरुआत में 5 से 10 बकरियों के छोटे यूनिट से काम शुरू करें और धीरे-धीरे इसे बढ़ाएं। आर्थिक मदद के लिए किसानों को बैंक में विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) जमा करनी होगी। जिला कृषि पदाधिकारी प्रेम शंकर प्रसाद ने किसानों से समूह बनाकर मार्केटिंग करने को कहा ताकि बिचौलियों को हटाकर पूरा मुनाफा कमाया जा सके।

सरकार से सब्सिडी पाने के क्या नियम हैं?

जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. अंजली कुमारी सिन्हा और अधिकारियों ने बताया कि सरकारी सब्सिडी पाने के लिए कुछ जरूरी शर्तें हैं। लाभ ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर मिलता है। सबसे अहम नियम यह है कि एग्रीमेंट होने के 60 दिनों के अंदर बकरी शेड और घेराबंदी का काम पूरा करना अनिवार्य है। ATMA से ट्रेनिंग ले चुके किसानों को चयन में प्राथमिकता दी जाएगी।

विभाग इन यूनिट्स पर देता है लाभ:

  • 20 बकरी + 1 बकरा
  • 40 बकरी + 2 बकरा
  • 100 बकरी + 5 बकरा

Puja Kanjani Covers Bhagalpur Local Updates and Bihar Level Important News. Ex Jagran Media and IndiaTV Journalist.

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