भागलपुर शहर के कचरे का निपटारा अब वैज्ञानिक तरीके से करने की तैयारी चल रही है। हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) यहाँ 135 करोड़ रुपये की लागत से एक बड़ा बायो-मीथेनाइजेशन प्लांट लगाने जा रही है। इस प्लांट में शहर के कचरे से बायो गैस बनाई जाएगी। हालांकि, कनकैती डंपिंग ग्राउंड में जगह की कमी के कारण अब प्रशासन पास में ही नई जमीन खोज रहा है।
जमीन को लेकर क्या फंसा है पेंच?
कनकैती डंपिंग ग्राउंड में फिलहाल 10 एकड़ जमीन उपलब्ध है, लेकिन यह जमीन खाली नहीं है। इस जगह पर पहले से ही लीगेसी वेस्ट यूनिट और मटेरियल रिकवरी सेंटर (MRC) बनाने का प्लान पास हो चुका है। इन दोनों प्रोजेक्ट के लिए टेंडर भी जारी किए जा चुके हैं।
इन यूनिट्स के बनने के बाद बायो-मीथेनाइजेशन प्लांट के लिए वहां जगह नहीं बचेगी। एचपीसीएल के इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए एक साथ 10 एकड़ जमीन की जरूरत है, जो मौजूदा डंपिंग ग्राउंड में संभव नहीं दिख रहा है।
प्रशासन ने शुरू की नई जमीन की तलाश
जमीन की कमी को देखते हुए नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा ने हाल ही में साइट का निरीक्षण किया था। इसके बाद उन्होंने डीएम को पत्र लिखकर डंपिंग ग्राउंड के पास ही खाली पड़ी सरकारी जमीन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।
इस पर कार्रवाई करते हुए डीएम ने जगदीशपुर अंचलाधिकारी और भूमि सुधार उप समाहर्ता (LRDC) को निर्देश दिया है। अधिकारियों को डंपिंग ग्राउंड के आस-पास ही 10 एकड़ सरकारी जमीन का सर्वे कर रिपोर्ट देने को कहा गया है ताकि प्लांट का काम जल्द शुरू हो सके।






