बिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने पटना स्थित बिहार वेटनरी कॉलेज कैंपस में नवनिर्मित भवनों का जायजा लिया। उन्होंने पशुपालन निदेशालय और राज्य स्तरीय संसाधन एवं प्रशिक्षण केंद्र के नए भवन का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को वहां मौजूद सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। सरकार का मकसद है कि इस केंद्र के जरिए राज्य के किसानों और पशुपालकों को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जाए ताकि वे अपना काम बेहतर तरीके से कर सकें।
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किसानों को ट्रेनिंग से कैसे मिलेगा लाभ?
इस नए प्रशिक्षण केंद्र में बिहार के अलग-अलग हिस्सों से किसान आकर ट्रेनिंग ले सकेंगे। यहाँ उन्हें पशुपालन के वैज्ञानिक तरीकों और बेहतर देखरेख के बारे में सिखाया जाएगा। सही जानकारी मिलने से दुग्ध उत्पादन और पशुओं के स्वास्थ्य में सुधार होगा। इससे किसानों को आर्थिक रूप से काफी फायदा होने की उम्मीद है। राज्य सरकार लगातार कृषकों और पशुपालकों के हित में ऐसे कदम उठा रही है ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो सके।
करोड़ों की लागत से सुधर रही व्यवस्था
बिहार सरकार शिक्षा और बुनियादी ढांचे पर काफी जोर दे रही है। बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (BASU) कैंपस के समग्र विकास के लिए लगभग 890 करोड़ रुपये की राशि से काम हो रहा है। इसके साथ ही सरकार ने वेटनरी छात्रों के लिए इंटर्नशिप भत्ता 15,000 रुपये महीना तय किया है। सात निश्चय-3 के तहत सरकार का लक्ष्य है कि उन्नत शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएं। इसी कड़ी में 2030 तक 1 करोड़ लोगों को रोजगार देने का भी लक्ष्य रखा गया है।






