बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6 लेन गंगा पुल परियोजना का जायजा लिया। उन्होंने पिलर नंबर 54 के पास चल रहे काम को देखा और अधिकारियों को साफ निर्देश दिया कि बचे हुए काम में तेजी लाई जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि होली के बाद यानी अप्रैल 2026 तक इस पुल को हर हाल में शुरू कर दिया जाना चाहिए ताकि लोगों को इसका लाभ मिल सके।
👉: CM Nitish Kumar ने 1224 डॉक्टरों को दिया नियुक्ति पत्र, प्राइवेट प्रैक्टिस करने वालों को दी चेतावनी।
अप्रैल तक जनता को समर्पित होगा पुल
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि इस पुल का पहला फेज जून 2025 में ही शुरू हो चुका था। अब दूसरे फेज का काम अंतिम चरण में है और इसे अप्रैल तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का मुख्य मकसद है कि राज्य के किसी भी हिस्से से राजधानी पटना पहुंचने में लोगों को 4 घंटे से ज्यादा का समय न लगे। यह पुल उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच संपर्क को मजबूत करेगा और महात्मा गांधी सेतु पर लगने वाले जाम से भी लोगों को बड़ी राहत देगा।
प्रोजेक्ट की लागत और खासियत
यह देश का सबसे लंबा एक्स्ट्रा-डोज्ड केबल ब्रिज है जिसकी कुल लंबाई एप्रोच रोड के साथ लगभग 19.76 किलोमीटर है। इस प्रोजेक्ट को बनाने में लगभग 5000 करोड़ रुपये की लागत आ रही है जिसमें एशियन डेवलपमेंट बैंक का भी सहयोग है। निर्माण कार्य L&T और दक्षिण कोरिया की कंपनी Daewoo मिलकर कर रही हैं।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल लागत | लगभग 4,988.40 करोड़ रुपये |
| कुल लंबाई | 19.76 किलोमीटर |
| डेडलाइन | अप्रैल 2026 |
| निर्माण कंपनी | L&T और Daewoo E&C |
इस पुल के बन जाने से वैशाली, समस्तीपुर और दरभंगा की तरफ जाने वाले लोगों का सफर काफी आसान हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि इस पुल को आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा जिससे यातायात और सुगम होगा।






