बिहार में रहने वाले व्यापारियों और प्रवासियों के लिए राहत भरी खबर है। India Post बिहार सर्कल अब अंतरराष्ट्रीय पार्सल भेजने की प्रक्रिया को आसान बना रहा है। अप्रैल 2026 तक राज्य के 29 Head Post Offices के तहत लगभग 9,000 पोस्ट ऑफिस में इंटरनेशनल ट्रेड यूनिट काम करना शुरू कर देंगी। अब बुकिंग और कस्टम जांच के लिए बड़े शहरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
जिला स्तर पर मिलेंगी कौन सी नई सुविधाएं?
नए बदलाव के बाद जिला स्तर पर ही बुकिंग, कागजों की जांच और कस्टम क्लियरेंस की सुविधा दी जाएगी। पहले इन कामों के लिए लोगों को Patna, Delhi या Kolkata जैसे केंद्रों पर निर्भर रहना पड़ता था। डाक विभाग इसके लिए हर यूनिट में कम से कम चार काउंटर और अलग टीमें तैनात करेगा। इससे पार्सल भेजने में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा और दस्तावेजों की कोई भी कमी होने पर तुरंत पता चल जाएगा। पटना के Gardanibagh में एक आधुनिक पार्सल हब भी बनाया गया है जो पार्सल की छंटनी और ट्रैकिंग का काम करेगा।
पार्सल भेजने के नियम और वजन की जानकारी
व्यापारियों और आम लोगों की सुविधा के लिए अलग-अलग वजन सीमा तय की गई है। अब लोग दुनिया के 219 देशों में अपना सामान भेज सकेंगे। इसके लिए डाक विभाग ने कुछ खास नियम बनाए हैं जो इस प्रकार हैं:
| सुविधा का नाम | वजन की सीमा | मुख्य जानकारी |
|---|---|---|
| Speed Post | 20 किलो तक | तेज डिलीवरी के लिए |
| Registered Parcel | 35 किलो तक | ज्यादा वजन के लिए |
| ITPS | छोटा पैकेट | MSME व्यापारियों के लिए |
| DDP सिस्टम | लागू | टैक्स भारत में भरने की सुविधा |
अमेरिका जैसे देशों के लिए भेजने वाला भारत में ही सारे कस्टम ड्यूटी और टैक्स का भुगतान कर सकता है। इससे विदेश में सामान पहुंचने पर वहां के रिसीवर को कोई अतिरिक्त पैसा नहीं देना होगा। कुछ इलाकों में डाक विभाग ‘Call-to-Pick-up’ सेवा भी दे रहा है जिसमें कर्मचारी घर आकर पार्सल लेंगे।






