सिल्क और कॉटन के बाद भागलपुर के जूट बैग का कमाल, सैनिकों को आ रहा काफी पसंद

Pooja Kanjani23 March 20242 min read12 viewsBihar
सिल्क और कॉटन के बाद भागलपुर के जूट बैग का कमाल, सैनिकों को आ रहा काफी पसंद

Bhagalpur News, Bhagalpur Jute Bag Demand : भागलपुर के बियाड़ा क्षेत्र में जूट बैग का उत्पादन धूमधाम से चल रहा है। यहां के कारीगर ने अपनी कुशलता और मेहनत से इस उद्योग को बढ़ावा दिया है। जूट बैग का उत्पादन न केवल अलग-अलग जिलों में बल्कि एयरफोर्स जैसी महत्वपूर्ण संस्थाओं में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

भागलपुर के बियाड़ा क्षेत्र को औद्योगिक क्षेत्र के रूप में परिचित किया गया है, जहां बहुत से उद्योग लगे हुए हैं। जूट बैग उद्योग भी इसका एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। कई प्रकार के बैग यहां तैयार हो रहे हैं, जिसमें से जूट बैग विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। इसका डिमांड न केवल कई जिलों में बल्कि एयरफोर्स में भी बढ़ती जा रही है।

स्थानीय 18 से बात करते हुए कारीगर नंदीकेश ने बताया कि यहां का जूट बैग देश की एयर फोर्स अकादमी में भी पहुंच जाता है, जहां पर सैनिकों की प्रशिक्षण होती है। जूट बैग की बड़ी मात्रा में डिमांड होती है, क्योंकि यह कई महीनों तक खराब नहीं होता है, जिससे सैनिक अपने लोकल उत्पाद का उपयोग करते हैं।

पूर्णिया और पश्चिम बंगाल: जूट के उत्पादन का केंद्र

भागलपुर से सटे पूर्णिया और पश्चिम बंगाल भी जूट के उत्पादन के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। यहां पर जूट की उत्पादन के लिए काम करने वाले कारीगरों ने इस उत्पाद को और भी महत्वपूर्ण बनाया है। इन कारीगरों की कुशलता और मेहनत का ही फल है कि यहां से तैयार किए गए जूट बैग विभिन्न संगठनों और संस्थाओं में पसंद किए जाते हैं।

रामकुमार जैसे कारीगर ने बताया कि उन्होंने पहले मुंबई में काम किया था, लेकिन भागलपुर में उद्योग की शुरुआत होते ही वह यहां आ गए। इन कारीगरों की कला और संघर्ष ने इस उत्पाद को और भी महत्वपूर्ण बना दिया है।

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