Air India की लंदन से बेंगलुरु आ रही फ्लाइट (AI-132) में एक बड़ी तकनीकी खामी सामने आई है। पायलट ने बताया कि इंजन स्टार्ट करते समय ‘फ्यूल कंट्रोल स्विच’ अपनी जगह पर टिक नहीं रहा था और बार-बार फिसल रहा था। यह वही तकनीकी दिक्कत है जिसकी वजह से जून 2025 में Air India का एक विमान क्रैश हो गया था। गनीमत यह रही कि इस बार क्रू की सूझबूझ से विमान सुरक्षित लैंड हो गया और कोई हादसा नहीं हुआ।
लंदन में पायलट के साथ क्या हुआ था?
यह घटना 1 और 2 फरवरी 2026 की है। लंदन हीथ्रो एयरपोर्ट पर जब पायलट इंजन चालू कर रहे थे, तो उन्होंने देखा कि बायां फ्यूल स्विच ‘RUN’ पोजीशन पर लॉक नहीं हो पा रहा था। पायलट के मुताबिक, हल्का सा दबाव पड़ते ही स्विच ‘CUTOFF’ की तरफ फिसल रहा था। दो बार ऐसा होने के बाद, तीसरी कोशिश में पायलट इसे लॉक करने में सफल रहे।
उड़ान भरने से पहले क्रू ने इसे हाथ से हिलाकर चेक किया और तसल्ली की कि यह पूरी तरह से अपनी जगह पर बैठ गया है। इसके बाद उन्होंने नियमों को देखा और फ्लाइट उड़ाने का फैसला लिया। एहतियात के तौर पर पूरे रास्ते पायलटों ने इंजन पर कड़ी नजर रखी ताकि स्विच दोबारा अपनी जगह से न हिले। विमान 2 फरवरी को सुरक्षित बेंगलुरु पहुंच गया।
DGCA की जांच में क्या बात सामने आई?
विमान के बेंगलुरु पहुँचते ही उसे तुरंत जांच के लिए रोक दिया गया। DGCA (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) के अधिकारियों ने 3 फरवरी को इसकी जांच की। उन्होंने पाया कि अगर स्विच को बोइंग के बताए तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो वह ठीक काम कर रहा है।
जांच में यह बात सामने आई कि अगर स्विच पर गलत दिशा में जोर लगाया जाता है, तो उसका बेस प्लेट खिसक सकता है जिससे वह अनलॉक हो जाता है। अब Air India ने उस स्विच को बनाने वाली कंपनी Honeywell के पास भेजा है ताकि उसकी गहन जांच हो सके। यह मामला इसलिए गंभीर है क्योंकि पिछले साल इसी तरह की खराबी के कारण एक बड़ा हादसा हुआ था:
- जून 2025 में AI-171 फ्लाइट टेकऑफ के 32 सेकंड बाद ही क्रैश हो गई थी।
- उस हादसे में इंजन के स्विच अचानक बंद हो गए थे और 260 लोगों की जान चली गई थी।
- DGCA ने अब सभी पायलटों को स्विच सही तरीके से इस्तेमाल करने के पुराने निर्देश फिर से पढ़ने को कहा है।






