भागलपुर में भोलेनाथ फ़्लाइओवर

लंबे अरसे के बाद भाेलानाथ फ्लाईओवर के निर्माण की दिशा में पहल तेज हाे गई है। इसके लिए मंगलवार काे टेंडर निकल गया। 25 अक्टूबर काे टेक्निकल बिड खुलेगा। इसके बाद फिनांशियल बिड की प्रक्रिया शुरू हाेगी। इस साल के अंत तक निर्माण एजेंसी का चयन कर लिया जाएगा और नए साल से निर्माण शुरू हाेने की संभावना है। दाे साल के अंदर इसका निर्माण पूरा हाेगा। यानी, शहर के लाेगाें काे 2025 में फ्लाईओवर मिल सकेगा। 97.20 कराेड़ की लागत से इसका निर्माण हाेगा। तीन माह पहले 59.89 कराेड़ की लागत से इसका निर्माण हाेना था।

 

इन इलाक़ों को भी होगा फ़ायदा

तीन माह पहले इसके लिए टेंडर भी निकाला गया। लेकिन बाद में इसकी लंबाई बढ़ाने का पुल निर्माण निगम की ओर से निर्णय लिया गया। अब नए सिरे से टेंडर निकाला गया है। पहले यह 787.28 मीटर लंबा बनना था। लेकिन अब 1232 मीटर फ्लाईओवर की लंबाई हाेगी। यानी, करीब 445 मीटर लंबाई बढ़ेगी। अब फ्लाईओवर मिरजानहाट शीतला स्थान से 150 मीटर पहले से लेकर भीखनपुर के त्रिमूर्ति चाैक तक इसका निर्माण हाेगा। जबकि पहले नेत्रहीन स्कूल तक ही बनाने की याेजना थी। भाेलानाथ फ्लाईओवर के निर्माण की दिशा में पहल हाेने के साथ लाेगाें में उम्मीद जगी है कि जल्द ही निर्माण शुरू हाेगा और उनलाेगाें की मांग पूरी हाे सकेगी।

 

प्लान – फ्लाईओवर की चाैड़ाई 7.5 मीटर हाेगी, दाेनाें तरफ सर्विस राेड बनेगा

फ्लाईओवर की न केवल लंबाई बढ़ेगी, बल्कि इसकी चाैड़ाई 7.5 मीटर हाेगी। इसके साथ ही फ्लाईओवर के नीचे सर्विस राेड बनेगा। दाेनाें तरफ 3.75-3.75 मीटर का सर्विस राेड बनेगा। साथ ही दाेनाें तरफ एक-एक मीटर का फुटपाथ भी बनेगा, ताकि आसपास के माेहल्ले के लाेगाें काे आवागमन में किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। इसकी कुल चाैड़ाई करीब 17 मीटर हाेगी। बता दें कि करीब 15 साल से फ्लाईओवर के निर्माण की मांग की जा रही है। इस साल फरवरी में जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भागलपुर के दाैरे पर आए थे ताे उनके सामने डीएम ने इस ओर उनका ध्यान दिलाया था। इसके बाद उन्हाेंने सहमति दी और आगे पहल तेज हुई।

 

फायदा – जाम और जल-जमाव से वाहन चालकों को मिलेगी राहत

शहर के दक्षिणी क्षेत्र के दर्जनभर माेहल्लाें की करीब सवा लाख की आबादी भाेलानाथ फ्लाईओवर के नहीं रहने से परेशानी झेल रही है। वहां अंडरपास के कारण जल-जमाव हाे जाता है। हल्की बारिश हाेने के कारण नाले का पानी उफनकर वहां बहने लगता है और बाढ़ जैसे हालत बन जाते हैं। इससे लाेगाें काे आवागमन में दिक्कत हाेती है। बच्चे व महिलाएं उसमें गिरकर दुर्घटनाग्रस्त भी हाे चुके हैं। इसके साथ ही जल-जमाव के कारण वाहन वहां से नहीं निकल पाते हैं और जाम की स्थिति बन जाती है। इस कारण स्कूल-काॅलेज से लेकर दफ्तर तक जानेवाले लाेगाें काे मुश्किलाें का सामना करना पड़ता है। लेकिन जब फ्लाईओवर बन जाएगा ताे उनलाेगाें काे जाम व जल-जमाव से राहत मिलेगी।

 

अड़चन – 40 से अधिक लाेगाें ने जमीन पर किया है अतिक्रमण

बता दें कि इसके लिए वहां सड़क की मापी की प्रक्रिया पहले ही पूरी हाे चुकी है। 40 से अधिक लाेगाें ने जमीन पर अतिक्रमण भी किया है। इसमें कुछ लाेगाें के मकान की सीढ़ी व दरवाजे सड़क पर निकालकर बना लिया है। साथ ही कुछ लाेगाें ने दुकान का प्लेटफार्म भी बना दिया है। इसके लिए पहले ही उनलाेगाें काे नाेटिस दिया गया है। अगर वेलाेग खुद ताेड़कर उसे हटा लेंगे ताे ठीक है, नहीं ताे आगे मजिस्ट्रेट व पुलिस बल की तैनाती करके जेसीबी के जरिए अतिक्रमण हटाने की दिशा में पहल हाेगी। इसके लिए प्रशासन की ओर से तैयारी भी की जा रही है। इसमें प्रयास यह हाेगा कि लाेगाें का कम से कम मकान व दुकान ताेड़ने की नाैबत आए, इसलिए पहले उनलाेगाें काे खुद से अतिक्रमण हटाने के लिए नाेटिस दिया गया है।

 

टेंडर के साथ अतिक्रमण हटाने काे भी हाेगी पहल

“भाेलानाथ फ्लाईओवर के लिए टेंडर निकल गया है। अब इसकी लंबाई 1232 मीटर हाेगी। साथ ही नीचे सर्विस राेड के अलावा फुटपाथ भी बनेगा। टेंडर की प्रक्रिया के साथ अतिक्रमण हटाने की दिशा में भी पहल हाेगी।- श्रीकांत शर्मा, सीनियर प्राेजेक्ट इंजीनियर, पुल निर्माण निगम।”

Hariom Mishra

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