भागलपुर जिला प्रशासन ने अपराध और ओवरलोडिंग को रोकने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। जिले के बॉर्डर इलाकों में सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 17 हाईटेक चेक पोस्ट बनाए जाएंगे। नवगछिया और कहलगांव जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए एनटीपीसी और प्रशासन के बीच समझौता भी हो गया है और काम जल्द शुरू होने वाला है। इस योजना से अवैध खनन और राजस्व चोरी पर भी लगाम लगने की उम्मीद है।

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हाईटेक कैमरों से कैसे पकड़े जाएंगे अपराधी?

इन चेक पोस्ट पर पुरानी व्यवस्था को बदलकर अब पूरी तरह से तकनीक का सहारा लिया जाएगा। यहाँ ANPR (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरे लगेंगे जो तेज रफ्तार गाड़ियों की नंबर प्लेट को भी आसानी से स्कैन कर लेंगे। इसके अलावा, फेशियल रिकॉग्निशन कैमरे लगाए जाएंगे जो अपराधियों का चेहरा पहचानते ही पुलिस को अलर्ट भेज देंगे।

  • चेहरा पहचान तकनीक: अपराधियों का डेटाबेस से मिलान करके पुलिस को तुरंत सूचना मिलेगी।
  • ऑप्टिकल फाइबर: इंटरनेट और डेटा ट्रांसफर के लिए 50 लाख रुपये की लागत से केबल बिछाई जाएगी।
  • संयुक्त ऑफिस: एक ही जगह पर पुलिस, परिवहन और खनन विभाग के अधिकारी बैठेंगे ताकि कोई बहाना न बना सके।

किन जगहों पर बनेंगे ये चेक पोस्ट और कितना होगा खर्च?

इस पूरे प्रोजेक्ट की लागत करीब 3.5 करोड़ रुपये आंकी गई है, जिसमें से 1.5 करोड़ रुपये जारी भी हो चुके हैं। एनटीपीसी सीएसआर फंड और खनन विभाग मिलकर इसका खर्च उठा रहे हैं। प्रशासन ने पीरपैंती, मिर्जा चौकी और जीरो माइल जैसी प्रमुख जगहों को इसके लिए चुना है ताकि शहर के प्रवेश और निकास द्वार सुरक्षित रहें।

स्थान का नाम उद्देश्य
पीरपैंती और मिर्जा चौकी झारखंड और बंगाल बॉर्डर पर निगरानी
जीरो माइल और कहलगांव शहर के मुख्य प्रवेश द्वार पर चेकिंग
कमांड सेंटर नवगछिया SP ऑफिस और कहलगांव SDO ऑफिस

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