पर्यटक स्थल के रूप में विकसित हो रहा भागलपुर, गंगा में दिखने लगा दुर्लभ घड़ियाल

Bihar Tourism, Crocodile in River Ganga : भागलपुर पर्यटक स्थल के रूप में धीरे-धीरे विकसित होते जा रहा है। भागलपुर की पहचान यहां के सिल्क, कतरनी चूड़ा, जर्दालू आम से है। लेकिन अब धीरे-धीरे भागलपुर की पहचान गंगा सेंचुरी के रूप में भी हो रही है।
वन विभाग के अधिकारी संजीत कुमार ने बताया कि विक्रमशिला गांगेय डॉल्फिन भारत का दूसरा गंगा सेंचुरी है, जहां पर कई तरह की जलीय जीव पाए जाते हैं। इस नदी में अब गंगा में दुर्लभ घड़ियाल भी दिखने लगा है। शहजादपुर पंचायत के अमरी दियारा के गंगा नदी में यह घड़ियाल दिख रहा है।
संजीत कुमार ने बताया कि घड़ियाल गंगा में तीन माह से दिख रहा है और यहां पर सिर्फ घड़ियाल ही नहीं डॉल्फिन समेत कई प्रजाति की मछली भी पाई जाती है। अब मगरमच्छ भी इस इलाके में दिख रहे हैं, जोकि यहां के जलीय जीवों के लिए अनुकूल है।
घड़ियाल और मगरमच्छ में है फर्क
संजीत कुमार ने बताया कि घड़ियाल और मगरमच्छ में काफी अंतर होता है। घड़ियाल का चोंच लंबा होता है, जिससे वह मछलियों को खाता है, हालांकि खतरा होने पर वह अपने चोंच से हमला भी करता है, लेकिन वह इंसान को हानि नहीं पहुंचा पाता है। लेकिन मगरमच्छ किसी भी बड़े जीव को खाने में सक्षम होता है। बारिश के दौरान संरक्षण का ध्यान रखें, ताकि हमारा प्राकृतिक संसाधन सुरक्षित रहे।