भागलपुर के घंटाघर चौक के पास स्थित NK Cooking Gas Agency पर पांच युवकों ने ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया। यह विवाद तब शुरू हुआ जब एजेंसी के कर्मचारियों ने बिना OTP और पासबुक के गैस सिलेंडर देने से मना कर दिया। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन युवकों को गिरफ्तार कर लिया है और अन्य की तलाश जारी है।
विवाद की मुख्य वजह क्या थी?
गैस सिलेंडर लेने आए युवकों के पास जरूरी दस्तावेज और मोबाइल पर आया OTP मौजूद नहीं था। सरकारी नियमों के अनुसार अब बिना वन-टाइम पासवर्ड के घरेलू LPG सिलेंडर की डिलीवरी नहीं की जा सकती। जब एजेंसी कर्मियों ने सुरक्षा और पारदर्शिता का हवाला देते हुए सिलेंडर देने से इनकार किया, तो युवक भड़क गए और पथराव शुरू कर दिया। इस हमले में एजेंसी के दफ्तर को नुकसान पहुंचा है और वहां मौजूद कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई।
LPG वितरण के लिए क्या हैं जरूरी सरकारी नियम?
भारत में रसोई गैस की कालाबाजारी और अवैध वितरण को रोकने के लिए ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) सिस्टम को अनिवार्य बनाया है। इसके तहत वितरण प्रक्रिया इस प्रकार काम करती है:
- ग्राहक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर बुकिंग के समय एक OTP भेजा जाता है।
- सिलेंडर प्राप्त करते समय यह कोड डिलीवरी कर्मचारी को बताना अनिवार्य है।
- बिना मोबाइल वेरिफिकेशन के एजेंसी या डिलीवरी बॉय गैस सिलेंडर हैंडओवर नहीं कर सकता।
- यह व्यवस्था 1 नवंबर 2020 से चरणबद्ध तरीके से लागू की गई थी ताकि फर्जी बुकिंग रोकी जा सके।
प्रशासन ने साफ किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों और एजेंसी कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वर्तमान में पटना और आसपास के जिलों में भी गैस की कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए विशेष टीमें तैनात हैं।






