भागलपुर जिले में स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत उच्च शिक्षा के लिए लोन लेने वाले कई युवा अब मुश्किल में हैं। लगभग 1239 ऐसे युवा हैं जिन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद भी लोन का मूलधन नहीं लौटाया है, अब इन पर सर्टिफिकेट केस करने की तैयारी चल रही है।
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड लोन चुकाने के नियमों में बदलाव
बिहार सरकार ने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत लोन चुकाने के नियमों में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। नए नियम के अनुसार, पढ़ाई पूरी होने के एक साल बाद से लोन की वापसी शुरू करनी होगी। अगर लोन की राशि चार लाख रुपये तक है, तो उसे सात साल की अवधि में चुकाना होगा। वहीं, अगर लोन चार लाख रुपये से अधिक है, तो उसे चुकाने के लिए दस साल की अवधि मिलेगी। सरकार ने 2018 के बाद लोन लेने वाले युवाओं को ब्याज माफी का लाभ दिया है। भागलपुर जिले में भी 10,300 युवाओं को इस ब्याज माफी का लाभ मिला है।
भागलपुर में बढ़ रही डिफाल्टरों की संख्या, 1239 पर होगा केस
सरकार द्वारा लाखों युवाओं को ब्याज माफी का लाभ देने के बावजूद, बड़ी संख्या में स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड धारक अपना मूलधन नहीं लौटा रहे हैं। राज्य भर में ऐसे 62 हजार 436 युवाओं पर सर्टिफिकेट केस करने की तैयारी है, जिसमें अकेले भागलपुर जिले के 1239 युवा शामिल हैं। ये वे युवा हैं जिन्होंने पढ़ाई पूरी कर ली है लेकिन अब तक मूलधन जमा नहीं किया है। जिला स्तर पर इन डिफाल्टरों के खिलाफ कार्रवाई तेज की जा रही है।
लोन नहीं चुकाने के मुख्य कारण और नए लक्ष्य
लोन नहीं चुकाने के कई कारण सामने आए हैं। कुछ छात्रों को पढ़ाई के बाद रोजगार नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर है। कई छात्र विदेश चले गए या फिर पैसा परिजनों को भेज दिया, लेकिन बैंक में राशि जमा नहीं हुई। लोन चुकाने की समय-सीमा और कानूनी कार्रवाई को लेकर लापरवाही भी एक बड़ा कारण है।
दूसरी ओर, बिहार राज्य वित्त निगम भागलपुर ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 2185 आवेदनों का लक्ष्य रखा है। 11 जनवरी तक 2071 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 1571 लोन स्वीकृत किए गए हैं। बचे हुए आवेदनों की जांच प्रक्रिया अभी जारी है।






