भागलपुर नगर निगम ने शहर के दुकानदारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्ती बढ़ा दी है। हाल ही में हुई एक औचक जांच में यह बात सामने आई है कि शहर के प्रमुख बाजारों में आधी से ज्यादा दुकानें बिना ट्रेड लाइसेंस के चल रही हैं। निगम की टीम ने वार्ड 38 में छापेमारी की, जहां 40 में से 25 दुकानों के पास लाइसेंस नहीं मिला। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि अगर दुकानदारों ने जल्द लाइसेंस नहीं बनवाया, तो दुकानों को सील करने के साथ-साथ भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा।
जांच में क्या मिला और आगे क्या है तैयारी
ट्रेड लाइसेंस प्रभारी Rakesh Bharti और तहसीलदार के नेतृत्व में वैरायटी चौक से खलीफाबाग चौक तक दुकानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान 62.5 प्रतिशत दुकानदार बिना वैध कागजात के कारोबार करते पाए गए। प्रशासन ने अब तक 5,103 नोटिस जारी कर दिए हैं और 7,000 और नोटिस भेजने की प्रक्रिया चल रही है। कुल मिलाकर शहर में 12,103 ऐसे प्रतिष्ठानों की पहचान की गई है जिन्हें नियमित किया जाना है। नगर आयुक्त Kislay Kushwaha ने सभी 51 वार्डों में सर्वे करने का निर्देश दिया है ताकि हर छोटी-बड़ी दुकान का रिकॉर्ड रखा जा सके।
लाइसेंस बनवाने के लिए यहां करें संपर्क
व्यापारियों की सुविधा के लिए नगर निगम ने सम्राट अशोक भवन में चार सप्ताह का विशेष शिविर लगाया है। यह शिविर दुकानदारों को आसानी से लाइसेंस बनवाने का मौका दे रहा है। पिछले आठ दिनों में यहां 700 नए आवेदन जमा हो चुके हैं। इसके अलावा, जांच के दौरान भी दुकानदार मौके पर ही जरूरी दस्तावेज और बैंक ड्राफ्ट जमा करके कानूनी कार्रवाई से बच सकते हैं। सामान्य तौर पर ट्रेड लाइसेंस की सालाना फीस लगभग 2,500 रुपये है। निगम का कहना है कि जब तक सभी दुकानें नियमित नहीं हो जातीं, यह अभियान जारी रहेगा।






