बिहार सरकार ने राज्य के बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। पथ निर्माण मंत्री डॉ दिलीप जायसवाल ने विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विभाग का 8,260.16 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। इस बजट में विशेष रूप से दो नए ग्रीनफील्ड हाई-स्पीड कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से राज्य में यातायात की गति बढ़ेगी और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
पशुपतिनाथ-बैद्यनाथ और नारायणी-गंगा कॉरिडोर की पूरी जानकारी
- Pashupatinath-Baidyanath Corridor: यह 250 किलोमीटर लंबा होगा जो नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर को झारखंड के बैद्यनाथ धाम से जोड़ेगा। यह भीमनगर से शुरू होकर पसराहा, सुल्तानगंज और कटोरिया होते हुए चांदन तक जाएगा।
- Narayani-Ganga Corridor: यह 225 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर बगहा से शुरू होकर भोजपुर जिले के पातर तक बनेगा। इसकी कुल लागत लगभग 15,450 करोड़ रुपये आंकी गई है।
- इन कॉरिडोर के निर्माण से मधेपुरा, सहरसा, खगड़िया, मुंगेर, बांका और पश्चिमी चंपारण जैसे जिलों में बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
- नारायणी-गंगा कॉरिडोर के तहत गंडक नदी पर एक नया पुल बनाने की भी योजना है जिससे रिविलगंज के पास गंगा नदी पर दबाव कम होगा।
बिहार में एक्सप्रेसवे और सड़क विस्तार का वर्तमान स्टेटस
| प्रोजेक्ट का नाम | लंबाई | वर्तमान स्थिति |
|---|---|---|
| Buxar-Bhagalpur Expressway | 240 किमी | DPR तैयार हो रही है और सलाहकार का चयन जारी है। |
| Raxaul-Haldia Expressway | 650 किमी | जमीन अधिग्रहण का काम चल रहा है, 2028 तक लक्ष्य है। |
| Patna-Purnia Expressway | – | एलाइनमेंट को मंजूरी मिल गई है और अधिग्रहण जारी है। |
| Gorakhpur-Siliguri Expressway | – | ड्राफ्ट एलाइनमेंट के बाद जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है। |
राज्य सरकार ने हर नागरिक के लिए एक विशेष लक्ष्य तय किया है कि कोई भी व्यक्ति अपनी यात्रा शुरू करने के 20 किलोमीटर के दायरे में फोरलेन सड़क तक पहुँच सके। इसके लिए मुख्यमंत्री सड़क विस्तार योजना के तहत लगभग 5,000 किलोमीटर सिंगल लेन सड़कों को चौड़ा कर टू-लेन बनाया जाएगा। साथ ही राज्य के विभिन्न नेशनल हाईवे पर 44 रेल ओवरब्रिज बनाने का प्रस्ताव है जिसमें से कई पर काम चल रहा है।






