दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने लैंड फॉर जॉब घोटाले में बड़ा आदेश दिया है। अब इस मामले की सुनवाई 9 मार्च 2026 से रोजाना यानी डे-टू-डे आधार पर होगी। गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान आरजेडी चीफ लालू यादव की बेटियां मीसा भारती और हेमा यादव कोर्ट में मौजूद थीं। उन्होंने जज के सामने खुद को निर्दोष बताया और कहा कि वे ट्रायल का सामना करने के लिए तैयार हैं। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि अब गवाहों के बयान लगातार दर्ज किए जाएंगे ताकि मामले का निपटारा जल्दी हो सके।

लालू और तेजस्वी को कोर्ट से क्या राहत मिली?

सुनवाई के दौरान लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट से जुड़े थे। उन्होंने कोर्ट से गुहार लगाई कि स्वास्थ्य और उम्र के कारण उन्हें आज की पेशी से छूट दी जाए। जज विशाल गोगने ने उनकी अर्जी स्वीकार करते हुए एक दिन की राहत दे दी।

हालांकि, कोर्ट ने एक सख्त शर्त भी रखी है। लालू, राबड़ी और तेजस्वी को 1 फरवरी से 25 फरवरी 2026 के बीच किसी भी एक दिन कोर्ट में शारीरिक रूप से उपस्थित होना होगा। इस दौरान उन पर औपचारिक रूप से आरोप तय किए जाएंगे। कोर्ट ने कहा है कि आने से एक दिन पहले उन्हें सीबीआई को सूचना देनी होगी।

रेलवे में नौकरी के बदले जमीन लिखवाने का क्या है पूरा मामला?

यह मामला उस समय का है जब लालू यादव 2004 से 2009 के बीच रेल मंत्री थे। सीबीआई और ईडी का आरोप है कि रेलवे के अलग-अलग जोन में ग्रुप-डी की नौकरी देने के बदले उम्मीदवारों से जमीन ली गई थी। जांच एजेंसियों के मुताबिक, ये जमीनें या तो गिफ्ट के तौर पर ली गईं या बेहद कम दाम पर यादव परिवार के नाम ट्रांसफर कराई गईं।

  • कोर्ट ने पिछली सुनवाई में कहा था कि यह पूरा काम एक ‘क्रिमिनल सिंडिकेट’ की तरह किया गया।
  • इस केस में कुल 103 आरोपी थे, जिनमें से अब 41 लोगों पर ट्रायल चलेगा।
  • मीसा भारती और हेमा यादव ने कोर्ट में ‘Not Guilty’ यानी निर्दोष होने की बात कही है।
  • ज्यादातर आरोपियों को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत मिली हुई है।

Leave a comment