शेखपुरा से बांका होते हुए झारखंड जाने वाली नेशनल हाईवे 333A (NH 333A) के दिन अब फिरने वाले हैं। सरकार ने इस सड़क को चौड़ा करने और नए सिरे से बनाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। बरबीघा से पंजवारा तक जाने वाली यह सड़क अभी कई जगहों पर काफी संकरी है, जिसे अब बढ़ाकर 7 मीटर चौड़ा किया जाएगा। इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 2300 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, जिससे शेखपुरा, जमुई और बांका के लोगों का सफर आसान हो जाएगा।
किन जिलों से गुजरेगी यह नई सड़क?
यह सड़क प्रोजेक्ट बिहार के कई अहम हिस्सों को आपस में जोड़ेगा। सड़क का रूट बरबीघा (शेखपुरा) से शुरू होकर सिकंदरा, जमुई, झाझा और बांका होते हुए पंजवारा (झारखंड बॉर्डर) तक जाएगा। इसकी कुल लंबाई करीब 190 किलोमीटर है। शहरी इलाकों में सड़क की चौड़ाई 25 मीटर तक रखी जाएगी ताकि बाजार में भीड़ न लगे।
प्रोजेक्ट के तहत करीब 118 किलोमीटर का हिस्सा ‘सुपर हाईवे’ के तौर पर विकसित किया जा रहा है। इसमें नरायना, सोनो, झाझा और कटोरिया जैसे इलाके शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक, इस रास्ते के बन जाने से बिहार और झारखंड के बीच गाड़ियों की आवाजाही काफी तेज हो जाएगी।
कब शुरू होगा काम और क्या है बजट?
सड़क निर्माण विभाग ने इस काम के लिए समय सीमा तय कर दी है। सुपर हाईवे वाले हिस्से पर काम 2026 के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है और लक्ष्य है कि 2028 तक पूरा प्रोजेक्ट खत्म कर लिया जाए। इसके लिए जरूरी टेंडर और कंसल्टेंसी की प्रक्रिया चल रही है।
| कुल लागत | करीब 2300 करोड़ रुपये (276 मिलियन डॉलर) |
| शेखपुरा-जमुई लागत | 746.73 करोड़ रुपये (62 किमी के लिए) |
| निर्माण शुरू | 2026 के अंत तक |
| पूरा होने का लक्ष्य | 2028 तक |
जाम से मिलेगी मुक्ति, बनेंगे 14 बाईपास
अक्सर देखा जाता है कि बड़े शहरों के बीच से गुजरने वाली गाड़ियां जाम में फंस जाती हैं। इस समस्या को खत्म करने के लिए NH-333A पर कुल 14 बाईपास बनाए जाएंगे। ये बाईपास शेखपुरा, जमुई, बांका, कटोरिया और झाझा जैसे प्रमुख शहरों के बाहर से निकलेंगे, जिससे शहर के अंदर ट्रैफिक का दबाव कम होगा।
सड़क के साथ-साथ इस रूट पर 6 बड़े पुल और दो रेलवे ओवरब्रिज (ROB) भी बनाए जाएंगे। बांका-ढाका मोड़ सेक्शन पर चांदन नदी के ऊपर एक हाई-लेवल ब्रिज बनाने की भी योजना है। जमीन अधिग्रहण का काम भी जोरों पर है, शेखपुरा में इसके लिए 72 करोड़ रुपये का मुआवजा तय किया गया है।






