पटना में आज 10 फरवरी 2026 को नीट (NEET) छात्रा की संदिग्ध मौत और महिलाओं के खिलाफ अपराध को लेकर सड़कों पर जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। छात्र संगठन AISA और महिला संगठन AIPWA के हजारों कार्यकर्ताओं ने विधानसभा घेराव के लिए मार्च निकाला, जिसके बाद पुलिस और छात्रों के बीच तीखी झड़प हुई। शहर के प्रमुख रास्तों पर यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा।
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जेपी गोलंबर पर तोड़ी बैरिकेडिंग
प्रदर्शनकारियों ने आज सुबह गांधी मैदान से अपना मार्च शुरू किया था। भीड़ जैसे ही जेपी गोलंबर (JP Golambar) के पास पहुंची, वहां पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग लगा रखी थी। गुस्साए छात्रों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और आगे बढ़ गए। इसके बाद भीड़ डाकबंगला चौराहे तक पहुँच गई, जहाँ स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई। प्रशासन ने मौके पर भारी पुलिस बल और दंगा नियंत्रण वाहनों को तैनात किया है और भीड़ को हटाने के लिए सख्ती बरतने की चेतावनी दी है।
छात्रा की मौत मामले में अब तक क्या हुआ?
जहानाबाद की रहने वाली 18 वर्षीय छात्रा पटना के चित्रगुप्त नगर स्थित ‘शंभू गर्ल्स हॉस्टल’ में रहकर नीट की तैयारी कर रही थी। 6 जनवरी को वह अचेत मिली थी और 11 जनवरी को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। फॉरेंसिक रिपोर्ट (FSL) में छात्रा के कपड़ों पर ‘सीमेन’ के अंश और शरीर पर चोट के निशान मिले हैं, जिससे सामूहिक बलात्कार और हत्या की आशंका जताई जा रही है। भारी दबाव के बाद बिहार सरकार ने मामले की सीबीआई (CBI) जांच की सिफारिश की है और लापरवाही के आरोप में तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है।
क्या है प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें?
- सुप्रीम कोर्ट की निगरानी: मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से हो।
- सख्त सजा: दोषियों को तुरंत गिरफ्तार कर फांसी की सजा दी जाए ताकि ऐसा अपराध दोबारा न हो।
- महिला सुरक्षा: राज्य में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा के लिए सरकार तुरंत ठोस कदम उठाए।
मृतका के माता-पिता ने कल दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी प्रदर्शन किया था और न्याय न मिलने पर आत्मदाह की चेतावनी दी थी।






