आयकर की सर्वे टीम ने दूसरे दिन गुरुवार को स्वर्ण व्यवसायी हरिओम लक्ष्मी नारायण वर्मा के घर संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। इस दौरान लंबे समय तक कमरे में रहने वाली महिलाओं के बाहर निकलने के अनुरोध को अस्वीकार करने पर निवर्तमान डिप्टी मेयर राजेश वर्मा बिफर पड़े। उन्होंने कहा कि जांच जारी रखें पर महिलाओं की आवाजाही पर रोक तो निजता का उल्लंघन है। इसके बाद भी आयकर अधिकारी पहले तो आवाजाही करने देने पर राजी नहीं हुए। पर करीब आधे घंटे की अफरातफरी के बाद महिला अधिकारी की निगरानी में उनकी आवाजाही शुरू करा दी। तब जाकर स्थिति सामान्य हुई। स्वर्ण व्यवसायी और उनके पुत्रों से कारोबारी रिश्ते रखने वाले कुछ व्यवसायियों और प्रापर्टी डीलरों से जुड़े दस्तावेजों की तलाश में जुटी टीम वर्मा परिवार के अलावा पड़ोसियों की गतिविधियों पर भी नजर रख रही थी।

मिले संपत्तियों के एग्रीमेंट से जुड़े कई दस्तावेज :

1: मिठाई के कारोबार से जुड़े वर्मा बंधुओं के एक पड़ोसी के आंगन का मुआयना करने पहुंचे आयकर अधिकारियों को एक बैग हाथ लगा, जिसमें संपत्तियों के एग्रीमेंट से जुड़े कई दस्तावेज मिले हैं। इसे लेकर भी कुछ देर तक पड़ोसी और वर्मा बंधुओं में नोकझोंक हुई। फिर किसी तरह मामला शांत करा दिया गया।

 

2: दवा कारोबार से जुड़े एक पड़ोसी की छत से एक पेन ड्राइव और दो मोबाइल भी बरामद होने की बात सामने आई है। जिसमें बड़े लेनदेन से जुड़ी जानकारी और कई महत्वपूर्ण लोगों, नेताओं के नंबर और उनसे जुड़े वीडियो-आडियो क्लिप हैं। पेन ड्राइव और मोबाइल की बरामदगी को लेकर आयकर की एक महिला अधिकारी से पड़ोसी की नोकझोंक भी होने की बात सामने आई है। आयकर की टीम बरामद बैग के अंदर रखे दस्तावेजों का मिलान करा रही है।

 

3: जानी संथालिया के सोनापट्टी स्थित आवास से भी कई दस्तावेज बरामद किये गए हैं। इसका लेखाजोखा आयकर अधिकारियों ने मांगा है। बताया जा रहा है कि उनके एक रिश्तेदार वरीय अधिवक्ता ने कई दस्तावेजों का लेखा-जोखा उपलब्ध भी करा दिया है। उनमें एक हजार रुपये के स्टांप वाले एग्रीमेंट भी शामिल हैं।

 

4: वर्मा बंधुओं के आयकर संबंधी दस्तावेजों का लेखा-जोखा देखने वाले मनीष जालान के यहां पहुंची टीम ने कई दस्तावेज बरामद किये हैं। जिसका मौजूदा संपत्तियों से मिलान कराया जा रहा है। नाथनगर निवासी प्रापर्टी डीलर बिजय यादव के घर से कई बेशकीमती जमीन से जुड़े एग्रीमेंट के दस्तावेज मिले हैं। अधिकारियों ने अबतक पांच बंडल एग्रीमेंट के कागजात बरामद करने में सफलता पाई है। कुछ दस्तावेज ब्याज, उधार और बंधक पर रखी गई जमीन से जुड़े हैं। हालांकि आयकर अधिकारियों ने सर्वे की जद में आए किसी भी व्यवसायी, सीए या प्रापर्टी डीलर के यहां ऐसी किसी भी बरामदगी की पुष्टि नहीं की है।

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