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सांसद, विधायक फंड से बन रहा हैं भागलपुर का मोडुलर पीसीसी सड़क. कई मोहल्लों में होने वाला हैं दिक़्क़त

Talat Praveen18 October 20232 min read1 views
सांसद, विधायक फंड से बन रहा हैं भागलपुर का मोडुलर पीसीसी सड़क. कई मोहल्लों में होने वाला हैं दिक़्क़त

भागलपुर, शहर में सांसद विधायक फंड और नगर निगम की ओर से पीसीसी सड़कों का निर्माण जोरों शोरों से शहर में चल रहा है। एक तरफ सड़कों का निर्माण तेजी से हो रहा है । तो दूसरी तरफ सड़क बनाने के पैमाने को तार तार कर दिया है नगर निगम के अधिकारियों ने। वहीं दूसरी तरफ हाई कोर्ट ने आदेश दिया है की पुरानी सड़क की परत हटाकर नई सड़क बनानी है।नई सड़क पुरानी सड़क से चार इंच से अधिक ऊंची न हो। इसके बाद भी गली-मोहल्ले में ऊंची-नीची सड़कों का निर्माण धड़ल्ले से किया जा रहा है।

सड़कों की ऐसी दशा एक तरफ खतरों की घंटी बज रही है। तो वहीं दूसरी तरफ जलजमाव की समस्या का बड़ा संकट बन रहा है। कुछ दिनों पहले हुई बारिश में भी इस तरह की सड़कों पर पानी जल जमाव हो गया था। इससे डेंगू का खतरा भी बढ़ गया था। सड़क को ऊंची करने से मकान की सतह भी नीची हो जाती है।

करीब नौ साल साल पटल बाबू रोड को करीब 13 इंच ऊंचा बना दिया गया था। इस कारण से वहां के घरों में पानी जमा होने लगा था। इसके बाद 2014 में जनहित याचिका दायर की गई थी। इसके बाद एनएच के कई इंजीनियरों पर कार्रवाई भी की गई थी। यह केस अब तक पेंडिंग है। हाईकोर्ट में पीआईएल के बाद शहर की कई ऊंची सड़कों को तोड़कर फिर से बनाया गया था लाजपत पार्क, राधारानी सिन्हा रोड, गुड़हट्टा चौक की सड़कों को तत्कालीन डीएम के निर्देश पर तोड़कर दोबारा बनाया गया था।

वही दूसरी तरफ,तिलकामांझी में डॉ. हेमशंकर शर्मा के घर से उनके अस्पताल तक अभी सड़क बनाई जा रही है। वहां आधी सड़क डेढ़ साल पहले बनी थी। स्थानीय लोगों के विरोध के बाद काम बंद कर दिया गया था। अब बाकी बची सड़क का निर्माण किया जा रहा है। करीब 200 मीटर लंबी सड़क में ही दो जगहों पर सतह में करीब एक से डेढ़ फीट ऊंची सड़क बना दी गई है। इस जगह पर चौराहा भी है। ऐसे में हमेशा हादसे का खतरा बना रहेगा। बारिश होगी तो वहां पर जलजमाव की भी समस्या होगी। एमपी फंड से इस सड़क का निर्माण हो रहा है। जिला योजना शाखा से यह काम हो रहा है। सरकार की तरफ से इसकी निगरानी नहीं होने से ठेकेदार जैसे-तैसे सड़क का निर्माण कर रहा है।

शहर में ऊंची सड़कें बनाने का सिलसिला लंबे समय से चल रहा है। नगर निगम की ओर से बनाई गई सड़कों में भी मानक की धज्जियां उड़ा दी है। हाईकोर्ट का आदेश है कि नई सड़क की ऊंचाई मौजूदा से चार इंच से अधिक ऊंची नहीं होगी। जबकि छह से 12 इंच ऊंची सड़कों का निर्माण किया गया।

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