उत्तर प्रदेश खाद्य एवं रसद विभाग के सहायक लिपिक (Assistant Clerk) गगन सिंह के ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई हुई है। यूपी विजिलेंस की टीम ने गुरुवार को एक साथ बिहार और झारखंड के कई ठिकानों पर छापेमारी की। यह रेड आय से अधिक संपत्ति (DA Case) के मामले में की गई है। टीम ने भागलपुर, बांका और देवघर में तलाशी ली, जहां से कई अहम दस्तावेज और निवेश की जानकारी मिली है।
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किन जगहों पर हुई विजिलेंस की रेड?
यूपी विजिलेंस की गोरखपुर यूनिट ने कुल चार जगहों पर एक साथ धावा बोला। इसमें बांका जिले के शंभूगंज स्थित पैतृक गांव गुलनी और कचहरिया में बने मकान शामिल हैं। इसके अलावा भागलपुर के तिलकामांझी इलाके में न्यू विक्रमशिला कॉलोनी स्थित उत्सव अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 302 में भी जांच की गई। झारखंड के देवघर में भी टीम ने दबिश दी। गगन सिंह मूल रूप से बांका के रहने वाले हैं और यूपी के मऊ जिले में तैनात थे।
छापेमारी में अधिकारियों को क्या-क्या मिला?
जांच एजेंसी का दावा है कि गगन सिंह ने अपनी आय से 300% अधिक संपत्ति जमा कर रखी है। छापेमारी के दौरान टीम को लाखों रुपये के इन्वेस्टमेंट बॉन्ड, जमीन के कागजात, नकद और जेवरात मिले हैं। भागलपुर वाला फ्लैट उनकी पत्नी नीतू सिंह के नाम पर है। विजिलेंस टीम अब इन सभी चल और अचल संपत्तियों का मूल्यांकन कर रही है। गगन सिंह पर आरोप था कि उन्होंने सरकारी नौकरी में रहते हुए गलत तरीके से यह धन कमाया है।
आखिर कैसे शुरू हुई जांच?
यह कार्रवाई 2022 में मिली एक शिकायत के बाद शुरू हुई थी। गगन सिंह के गांव के ही रमन सिंह ने उनकी अचानक बढ़ी रईसी को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। जांच में पता चला कि उन्होंने अपनी संपत्ति का ब्योरा सरकार को सही नहीं दिया था। कई बार नोटिस भेजने के बाद भी जब उन्होंने जवाब नहीं दिया, तो 29 जनवरी को यह रेड की गई। गगन सिंह के भाई पूर्व मुखिया रह चुके हैं और भाभी अभी गुलनी पंचायत की मुखिया हैं।






