अडाणी समूह के चेयरमैन गौतम अडाणी ने बिहार के पीरपैंती में बन रहे राज्य के सबसे बड़े पावर प्लांट का निरीक्षण किया है। करीब 27,000 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से बन रहे इस प्रोजेक्ट को लेकर अडाणी ने बड़ी जानकारी साझा की है। इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से भागलपुर और आसपास के क्षेत्र में रोजगार के बड़े अवसर पैदा होंगे और युवाओं को काम के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
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15 हजार लोगों को कैसे मिलेगा रोजगार?
इस विशाल प्रोजेक्ट के तहत प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 15,000 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। आंकड़ों के मुताबिक, निर्माण कार्य (Construction Phase) के दौरान करीब 10,000 से 12,000 लोगों को काम मिलने की उम्मीद है।
इसके बाद जब प्लांट पूरी तरह से काम करना शुरू कर देगा और बिजली बनने लगेगी, तब लगभग 3,000 लोगों को स्थायी पदों पर नौकरी दी जाएगी। स्थानीय लोगों को रोजगार में प्राथमिकता देने की बात भी सामने आ रही है, जिससे बिहार से होने वाले पलायन में कमी आ सकती है।
प्रोजेक्ट की क्षमता और कब तक होगा पूरा?
अडाणी पावर का यह प्लांट 2,400 मेगावाट (MW) बिजली उत्पादन की क्षमता रखेगा। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस पूरे प्रोजेक्ट को अगले 4 से 5 वर्षों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह प्रोजेक्ट बिहार की बिजली जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ औद्योगिक विकास को भी गति देगा।
गौतम अडाणी ने अपनी यात्रा के दौरान झारखंड के गोड्डा पावर प्लांट का भी जिक्र किया, जो पहले से 1600 मेगावाट बिजली बना रहा है। पीरपैंती का यह नया प्लांट आधुनिक तकनीक से लैस होगा और पूर्वी भारत में ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती देगा।






