बिहार में नेशनल हाईवे के निर्माण की रफ्तार धीमी पड़ गई है। पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने शनिवार को विभाग की समीक्षा बैठक की, जिसमें चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए। केंद्र सरकार ने बिहार को सड़कों के लिए 33,464 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया था, लेकिन राज्य में अभी तक सिर्फ 4,645 करोड़ रुपये की ही परियोजनाएं तय हो पाई हैं। मंत्री ने काम की इस धीमी गति पर कड़ी नाराजगी जताई है और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं।
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52 परियोजनाओं में से सिर्फ 6 का काम फाइनल
समीक्षा बैठक में बताया गया कि वर्ष 2025-26 के लिए कुल 52 नेशनल हाईवे परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। लेकिन अभी तक सिर्फ आधा दर्जन (6-7) प्रोजेक्ट्स का काम ही फाइनल स्तर पर पहुंचा है। इसका मतलब है कि कुल आवंटित राशि का केवल 14% हिस्सा ही उपयोग में लाया जाने वाला है। मंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि डीपीआर (DPR) बनाने और भेजने में देरी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब से हर हफ्ते प्रोजेक्ट्स की प्रोग्रेस रिपोर्ट मंत्री को देनी होगी।
किन सड़कों और पुलों का काम हुआ तय?
विभाग ने बताया कि जिन 4,645 करोड़ रुपये की योजनाओं पर सहमति बनी है, उनमें कई महत्वपूर्ण बाईपास और पुल शामिल हैं। आने वाले दिनों में इन जगहों पर काम शुरू होने की उम्मीद है:
- अरवल: 4-लेन बाईपास का निर्माण
- दाउदनगर: 4-लेन बाईपास
- मगरदही घाट: हाई लेवल ब्रिज
- नया गंडक ब्रिज: निर्माण कार्य
- NH-322: समस्तीपुर से दरभंगा रूट के हिस्से
- ढाका मोड़ से बलजोर: सड़क निर्माण
नितिन गडकरी ने दिल्ली बुलाया, अब देना होगा हिसाब
बिहार में सड़कों के काम की सुस्त रफ्तार की खबर केंद्र तक भी पहुंच गई है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इस पर नाराजगी जताई है। जानकारी के मुताबिक, उन्होंने बिहार के अधिकारियों को दिल्ली तलब किया है। 16 और 17 फरवरी को दिल्ली में एक उच्च स्तरीय बैठक होगी, जिसमें 100 करोड़ रुपये से ऊपर की लागत वाली सभी परियोजनाओं की समीक्षा की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे रेलवे और अन्य विभागों के साथ तालमेल बनाकर जल्द से जल्द जमीन और एलाइनमेंट की दिक्कतें दूर करें।






