बिहार पर्यटन विभाग ने भागलपुर शहर को आधिकारिक रूप से राज्य के ‘गुरु सर्किट’ में शामिल कर लिया है। 11 फरवरी 2026 को जारी नए ई-ब्रोशर में भागलपुर को इस सर्किट के 12वें प्रमुख स्थल के रूप में जगह मिली है। यह निर्णय शहर की ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता को देखते हुए लिया गया है। इस विकास से भागलपुर अब पटना, मुंगेर और राजगीर जैसे प्रमुख सिख धार्मिक केंद्रों की सूची में जुड़ गया है।

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शहर का सिख इतिहास और गुरु तेग बहादुर जी का प्रवास

भागलपुर का इतिहास सिख धर्म के नौवें गुरु, गुरु तेग बहादुर जी से गहरा जुड़ा है। उन्होंने 1667 में नया बाजार स्थित बूढ़ानाथ घाट के पास 40 दिनों तक समय बिताया था। उनकी याद में वहां एक पत्थर का तख्ता आज भी सुरक्षित है, जिसे स्थानीय लोग ‘चौकी साहिब’ के नाम से पूजते हैं।

  • गुरुद्वारे में गुरु ग्रंथ साहिब की एक प्राचीन हस्तलिखित प्रति मौजूद है।
  • हर अमावस्या को इस हस्तलिखित ग्रंथ को विशेष रूप से चौकी साहिब पर रखा जाता है।
  • स्थानीय 17 सिख परिवारों और गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने इस फैसले पर खुशी जाहिर की है।
  • गुरु नानक देव जी ने भी अपनी यात्राओं के दौरान इस क्षेत्र का दौरा किया था।

पर्यटन विकास और आर्थिक बदलाव की उम्मीद

बिहार पर्यटन नीति 2024 के तहत इस सर्किट का विकास किया जा रहा है। भागलपुर पहले से ही जैन और बौद्ध सर्किट का हिस्सा रहा है और अब गुरु सर्किट में जुड़ने से यहां पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी। सरकार ने बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए भी कदम उठाए हैं।

प्रमुख जानकारी विवरण
सर्किट में भागलपुर का स्थान 12वां प्रमुख स्थल
गुरु तेग बहादुर जी का प्रवास 1667 ईस्वी (40 दिन)
संबद्ध बुनियादी ढांचा बजट करीब ₹4,849 करोड़ (गंगा पथ प्रोजेक्ट)

स्थानीय जानकारों के अनुसार इस कदम से होटल, ट्रांसपोर्ट और छोटे दुकानदारों के लिए नए अवसर पैदा होंगे। सुल्तानगंज-भागलपुर-सबौर गंगा पथ प्रोजेक्ट के पूरा होने से श्रद्धालुओं के लिए इन धार्मिक स्थलों तक पहुंचना और भी सुगम हो जाएगा। यह विकास 2018 की ऐतिहासिक गुरुद्वारों के संरक्षण की सरकारी योजना का हिस्सा है।


Puja Kanjani Covers Bhagalpur Local Updates and Bihar Level Important News. Ex Jagran Media and IndiaTV Journalist.

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