भागलपुर में बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (बीएसआरटीसी) की बस सेवाओं में अराजकता का माहौल बना हुआ है. आए दिन बस चालकों और कंडक्टरों के साथ मारपीट, बदसलूकी और धमकी की घटनाएं सामने आ रही हैं. खासकर पिंक बसों में तैनात महिला कंडक्टरों से भी अभद्र व्यवहार के मामले सामने आए हैं. इससे बस संचालन पर सीधा असर पड़ा है और यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
जनवरी में हुई तीन गंभीर घटनाएँ
सिर्फ जनवरी महीने में ही निगम के बस चालकों और कंडक्टरों के साथ तीन गंभीर घटनाएँ हुई थीं. इनमें:
- 7 जनवरी: सुबह 9:45 बजे जीरो माइल बस स्टैंड के पास नवगछिया जा रही एक पिंक बस में तैनात महिला कंडक्टर शहरशाह कुमारी और चालक सुजीत कुमार के साथ निजी बस कंडक्टरों ने बदतमीजी की थी. 12 यात्रियों को बस से उतार दिया गया था. इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी.
- 12 जनवरी: रिक्शाडीह बस स्टैंड के पास कंडक्टर और निजी बस कंडक्टर के बीच झड़प हुई थी. दोनों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई थी. इसका वीडियो भी वायरल हुआ था, लेकिन इस पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई थी.
- 20 जनवरी: जवारीपुर मोड़ के पास चालक को रांग साइड से आ रही एक कार ने टक्कर मार दी थी. इसके बाद कार चालक ने बस चालक की पिटाई भी की थी. इस पर जमकर हंगामा होने के बाद ट्रैफिक थाने में मामला दर्ज किया गया था.
महिला कंडक्टरों से अभद्र व्यवहार और निजी बसों की दादागिरी
पिंक बसों में तैनात महिला कंडक्टरों से अभद्र व्यवहार करने और यात्रियों को जबरन उतारने के मामले भी सामने आए थे. कई बार सवारी चढ़ाने को लेकर चालकों को धमकाया गया था, तो कभी निजी गाड़ियों से आगे-पीछे लगाकर सरकारी बसों को जबरन रोका भी गया था. मामूली विवाद में चालकों की पिटाई तक की नौबत आई थी. बीते साल 24 दिसंबर को नवगछिया जीरोमाइल चौक पर कटिहार जा रही प्राइवेट बस संचालक से सरकारी बस चालक की अनबन हुई थी, जिसके बाद चालक को धमकी भी दी गई थी.
निगम की चुप्पी और यात्रियों की परेशानी
पिछले एक महीने में ऐसी चार घटनाएं हो चुकी थीं, लेकिन निगम की ओर से अब तक कोई ठोस सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई थी. इन घटनाओं का सीधा असर बस परिचालन पर पड़ रहा है और निगम को राजस्व में भी नुकसान हो रहा है. भागलपुर-पूर्णिया मार्ग के शहरी क्षेत्रों जैसे जीरोमाइल, नवगछिया जीरोमाइल, रंगरा चौक और रिक्शाडीह बस स्टैंड पर घटनाएँ अधिक हुई थीं. ऐसे हालात बन गए थे कि कर्मचारी ही नहीं, बल्कि बसों में सफर करने वाले यात्री भी डरे हुए थे. यात्रियों ने बताया कि इन घटनाओं के बाद वे बस से उतर जाते हैं जिससे उन्हें काफी परेशानी होती है.






