बिहार के लोगों के लिए बुलेट ट्रेन (Bullet Train) को लेकर एक बहुत अच्छी खबर सामने आई है। वाराणसी से सिलीगुड़ी तक जाने वाली हाई स्पीड बुलेट ट्रेन का रास्ता अब साफ होता दिख रहा है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी है कि इस प्रोजेक्ट की डिटेल रिपोर्ट (DPR) अगले 6 महीनों में बनकर तैयार हो जाएगी। सबसे खास बात यह है कि पटना में यह ट्रेन जमीन पर नहीं, बल्कि हवा में बने ट्रैक पर दौड़ेगी ताकि शहर में कम से कम तोड़फोड़ हो।
पटना में कहां बनेगा स्टेशन और कैसा होगा ट्रैक?
रेलवे के अधिकारियों ने बताया है कि पटना जिले में बुलेट ट्रेन के लिए लगभग 65 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड ट्रैक (ऊपर का रास्ता) बनाया जाएगा। यह ट्रैक जमीन से करीब 12 से 15 मीटर की ऊंचाई पर होगा। पटना में बुलेट ट्रेन का मुख्य स्टेशन फुलवारी शरीफ स्थित AIIMS पटना के पास बनाने की योजना है। एलिवेटेड ट्रैक होने की वजह से घनी आबादी वाले इलाकों में ज्यादा घरों को हटाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे आम लोगों को कम परेशानी होगी।
इन 60 गांवों की जमीन ली जाएगी
इस प्रोजेक्ट के लिए पटना जिले के करीब 58 से 63 गांवों की पहचान कर ली गई है। दानापुर, फुलवारी शरीफ, संपतचक, मसौढ़ी और विक्रम जैसे इलाकों से यह ट्रेन गुजरेगी। इसके लिए लगभग 138 हेक्टेयर जमीन की जरूरत होगी। सरकार ने साफ किया है कि जमीन के बदले किसानों और मालिकों को उचित मुआवजा मिलेगा। नियमों के अनुसार, ग्रामीण इलाकों में सर्किल रेट का 4 गुना और शहरी इलाकों में 2 गुना पैसा दिया जाएगा।
रफ्तार और बिहार के अन्य स्टॉपेज
यह बुलेट ट्रेन 350 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी। वाराणसी से सिलीगुड़ी पहुंचने में अभी 15 घंटे से ज्यादा का समय लगता है, जो बुलेट ट्रेन से मात्र 2 घंटे 55 मिनट में पूरा हो जाएगा। बिहार में इसके स्टॉपेज और सुविधाओं को लेकर खास योजना बनाई गई है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| अधिकतम स्पीड | 350 km/h |
| पटना स्टेशन | AIIMS, फुलवारी शरीफ |
| प्रमुख स्टॉपेज | बक्सर, आरा, पटना, कटिहार |
| पेड़ों का बचाव | 3,885 पेड़ काटे नहीं, शिफ्ट किए जाएंगे |
पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों ने फैसला लिया है कि रास्ते में आने वाले करीब 3,885 पेड़ों को काटा नहीं जाएगा, बल्कि उन्हें दूसरी जगह लगाया (Transplant) जाएगा। इसके लिए वन विभाग से अनुमति ली जा रही है ताकि विकास के साथ हरियाली भी बची रहे।






