मिथिला और कोसी क्षेत्र के लोगों के लिए रेलवे ने एक बड़ा कदम उठाया है। लहेरियासराय से सहरसा जंक्शन तक 95 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन बिछाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। रेल मंत्रालय ने इस प्रोजेक्ट की फाइल को मंजूरी के लिए नीति आयोग (NITI Aayog) के पास भेज दिया है। इस प्रोजेक्ट पर कुल 2376 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसके बनने से लोगों को लंबे सफर से राहत मिलेगी।
किन रास्तों से होकर गुजरेगी यह नई रेल लाइन?
इस नई लाइन के बन जाने से दरभंगा और सहरसा के बीच की दूरी करीब 75 किलोमीटर कम हो जाएगी। अभी लोगों को समस्तीपुर, खगड़िया और मानसी होकर लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। रेलवे ने जो रूट मैप तैयार किया है, उसमें कई गांव और कस्बे शामिल हैं।
प्रस्तावित रूट में लहेरियासराय, डेकुली, उघरा, खैरा, बिठौली, शंकररोहार, हवीडीह, साजनपुर, कन्हौली, जगदीशपुर, घनश्यामपुर, कीर्तिपुर, जमालपुर, महिषी, बनगांव और सहरसा शामिल हैं। इस पूरे रास्ते में कोसी नदी पर एक बड़ा पुल और 14 अन्य बड़े पुल बनाए जाएंगे। यात्रियों की सुविधा के लिए 10 क्रॉसिंग स्टेशन और 2 हॉल्ट बनाने की योजना है।
प्रोजेक्ट से जुड़ी अहम जानकारी क्या है?
दरभंगा के सांसद गोपालजी ठाकुर ने बताया है कि रेल मंत्रालय ने सारा कागजी काम पूरा करके फाइल आगे बढ़ा दी है। नीति आयोग से हरी झंडी मिलने के बाद इसे कैबिनेट (CCEA) के पास अंतिम मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। ट्रैफिक जाम न हो, इसके लिए रास्ते में 72 अंडरपास बनाने की भी तैयारी है।
| रूट | लहेरियासराय से सहरसा |
| कुल लंबाई | 95 किलोमीटर |
| लागत | 2376 करोड़ रुपये |
| बड़ी नदियां | कोसी नदी पर 1 बड़ा पुल |
| बचत | दूरी 75 किमी कम होगी |
यह लाइन न सिर्फ उत्तर बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए वरदान साबित होगी, बल्कि पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर भारत जाने के लिए भी एक नया और छोटा रास्ता खोलेगी। जमीन अधिग्रहण का काम अंतिम मंजूरी और पिंक बुक में नाम आने के बाद शुरू होगा।






