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दिल्ली से भागलपुर के लिए चली EXTRA TRAIN, इन रूट पर कही हैं तो आज भागलपुर के लिए मिलेगी ये ट्रेन

दिल्ली से भागलपुर आने वाले यात्रियों की भीड़ को देखते हुए एक और स्पेशल ट्रेन चलायी गई है। 09756 नंबर की यह ट्रेन रविवार को रात 11.35 बजे नई दिल्ली स्टेशन से भागलपुर के लिए रवाना हुई।

 

लखनऊ, रायबरेली, वाराणसी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, बक्सर, आरा, पटना, किउल, जमालपुर, सुल्तानगंज स्टेशन पर रुकते हुए यह ट्रेन 8 नवंबर को रात 12.30 बजे भागलपुर पहुंचेगी।

इस ट्रेन में कुल 22 कोच हैं। हालांकि अभी यह तय नहीं हुआ है कि भागलपुर से यह ट्रेन एमटी रैक बनकर जाएगी या यहां से भी स्पेशल ट्रेन के रूप में रवाना की जाएगी। यह निर्णय पूर्व रेलवे के अधिकारियों पर छोड़ा गया है।

 

Sr. Station Day Arr.
Dep.
Halt
Mins.
Dist.
KMs.
1 NEW DELHI
NDLS
1 SRC
23:35
0
2 MORADABAD
MB
2 02:55
03:05
10 167
3 BAREILLY
BE
2 04:40
04:42
2 257
4 LUCKNOW
LKO
2 08:30
08:40
10 492
5 RAE BARELI JN
RBL
2 10:00
10:02
2 570
6 PARTAPGARH JN
PBH
2 11:38
11:40
2 665
7 VARANASI JN
BSB
2 14:15
14:25
10 793
8 PT.DEEN DAYAL UPADHYAYA JN.
DDU
2 15:15
15:25
10 811
9 BUXAR
BXR
2 16:25
16:27
2 901
10 ARA
ARA
2 19:05
19:07
2 970
11 PATNA JN
PNBE
2 19:55
20:05
10 1019
12 KIUL JN
KIUL
2 22:05
22:10
5 1142
13 JAMALPUR JN
JMP
2 23:05
23:07
2 1187
14 SULTANGANJ
SGG
2 23:37
23:39
2 1216
15 BHAGALPUR
BGP
3 00:30
DSTN
1240
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भागलपुर, मुंगेर समेत 17 ज़िलों के लिए नयी सरकारी योजना शुरू, पान के पत्ते उगाए मिलेगा पैसा और तेल

राज्य में पान से तेल निकालने की इकाई लगेगी। इसी के साथ पान की खेती शेडनेट में करने की व्यवस्था होगी। दोनों प्रयोग बिहार कृषि विश्वविद्यालय के नालंदा जिले के इस्माइलपुर स्थित पान अनुसांधन केन्द्र में होगा। राज्य सरकार ने दोनों व्यवस्था के लिए राशि बीएयू को दे दी है। शेडनेट से खेती का प्रदर्शन सरकारी खर्चे पर पान उत्पादक जिलों में भी होगा। प्रयोग सफल हुआ तो किसानों को इससे जोड़ा जाएगा।

 

सरकार की योजना के अनुसार अगर यह प्रयोग सफल हुआ तो सभी जिलों में पान उत्पादकों को शेडनेट अनुदानित दर पर दिया जाएगा। साथ ही पान से तेल निकालने की छोटी इकाइयां भी किसानों को दी जाएंगी। शेडनेट की खेती से मौसम की मार से पान के पत्ते बचेंगे औप उत्पादन बढ़ेगा। तेल निकालने से किसानों को अधिक कीमत मिलेगी। लिहाजा पान उत्पादक किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार ने यह व्यवस्था की है।

 

इन जिलों के लिए योजना स्वीकृत

पान के तेल में औषधीय गुण होते हैं। बिहार में पान की खेती तो होती है, लेकिन इससे तेल निकालने का संयन्त्र यहां नहीं है। अब सरकार ने यह संयंत्र लगाने का फैसला किया है। शेडनेट में खेती से पान उत्पादकों की लगत तो कम होगी ही प्रतिकूल मौसम में फसल नुकसान नहीं होगा।

यह योजना मुख्य रूप से

  1. नवादा,
  2. नालंदा,
  3. गया
  4. मधुबनी
  5. वैशाली,
  6. खगड़िया,
  7. दरभंगा,
  8. भागलपुर,
  9. समस्तीपुर,
  10. मुजफ्फरपुर,
  11. पूर्वी चम्पारण,
  12. औरंगाबाद,
  13. शेखपुरा,
  14. बेगूसराय,
  15. सारण,
  16. सीवान और
  17. मुंगेर के लिए है।

 

खेती के लिए शेडनेट की स्थायी संरचना होगी

पान की खेती के लिए शेडनेट की स्थायी संरचना होगी जिसमें सुक्ष्म सिंचाई यथा-ड्रिप के साथ फॉगर की व्यवस्था होगी। राज्य की जलवायु अधिक गर्म और ठंड होने के कारण पान की खेती खुले खेतों में नहीं की जा सकती है। आमतौर पर किसान बरेजा में खेती करते हैं। बरेजा का निर्माण बांस, पुआल, कास, सुतली के उपयोग कर बनाया जाता है, जो प्राकृतिक आपदा से बर्बाद हो जाता है। शेडनेट में पान की खेती करने से कीट-व्याधियों के प्रकोप से बचाव हो सकेगा, जिससे पान की गुणवत्तायुक्त पत्तियों के उत्पादन में वृद्घि होगी। साथ ही इसमें किसान परवल, अरवी, मिर्च, लौकी, ककड़ी, पालक, अदरक, आदि की खेती भी कर सकते हैं।

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भागलपुर AIRPORT पर उतरा विमान, रनवे पर थी भैंस तो 10 चक्कर काटते रहना पड़ा प्लेन को

नमामि गंगे योजना के तहत सर्वे करने आई टीम के विमान को लगभग 20 मिनट तक हवा में ही चक्कर काटना पड़ा क्योंकि भागलपुर एयरपोर्ट के रनवे पर मवेशियों का झुंड था। जब विमान के आने का सिग्नल मिला तो पुलिसकर्मियों ने मवेशियों के झुंड को एक तरफ कर दिया। लेकिन जैसे ही विमान लैंडिंग पोजिशन में आयी, विमान की आवाज सुनकर मवेशियों का झुंड वापस रनवे पर पहुंच गया। इस दौरान पुलिसकर्मी और दंडाधिकारी मवेशियों के पीछे भागते रहे।

 

जबतक मवेशियों को हटाया गया, तबतक विमान को 10 चक्कर काटना पड़ा। विमान को शहर के ऊपर आकाश में चक्कर काटता देख लोगों के बीच कौतुहल हो गया। एयरपोर्ट मैदान में पहले से भी काफी लोग मौजूद थे। कोई गाड़ी सीख रहे थे तो कोई खेल रहे थे। जब विमान को आकाश में चक्कर काटते देखा तो कई लोग एयरपोर्ट पहुंच गए। स्थिति यह हुई कि जब विमान रनवे पर उतरा तो रनवे के दोनों तरफ लोगों की भीड़ इकट्ठी हो गई थी।

विमान की लैंडिंग के लिए जिला प्रशासन से पीडब्ल्यूडी के एक अधिकारी मनोज कुमार को दंडाधिकारी नियुक्त किया गया था। उन्होंने बताया कि पहले से एयरपोर्ट परिसर में काफी संख्या में मवेशी थे। यहां आने पर मवेशियों को एक तरफ कर दिया गया। लेकिन विमान की आवाज सुनकर मवेशी अनियंत्रित हो गए और भागकर रनवे पर पहुंच गए। रनवे से लोगों को हटाने में भी समय लगा। इसके कारण विमान को लैंडिंग के लिए इंतजार करना पड़ा।

 

तो क्या विमान की लैंडिंग सुरक्षित नहीं…
अलबत्ता भागलपुर से हवाई सेवा की मांग हो रही है। एयरपोर्ट के रखरखाव पर करोड़ों रुपये खर्च भी किए जा रहे हैं। अभी भी स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से एयरपोर्ट की घेराबंदी के लिए सामग्री इकट्ठी की जा रही है। कुछ काम भी शुरू हो गया है लेकिन एयरपोर्ट परिसर विमान की लैंडिंग के लिए सुरक्षित नहीं है। जिस तरह की गतिविधि एयरपोर्ट मैदान में रहती है उससे किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।

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भागलपुर से अब इलेक्ट्रिक ट्रेन, 1 घंटे कम लगेगा, राँची, पटना, दिल्ली जाने वालों के लिए खुशख़बरी

भागलपुर होकर गोड्डा से चलने वाली हमसफर और रांची एक्सप्रेस अब इलेक्ट्रिक इंजन से चलेगी। वर्तमान में ये दोनों ट्रेनें डीजल इंजन से चल रही है। जल्द ही डीजल की जगह इलेक्ट्रिक इंजन लगकर चलेगी। इलेक्ट्रिक इंजन से चलने पर एक घंटे समय की बचत होगी। रेलवे के अधिकारियों के अनुसार मंदारहिल सेक्शन के सिंगल लाइन का विद्युतीकरण पूरा हो चुका है।

 

 

सीआरएस जांच की रिपोर्ट भी मुख्यालय को सौंप दी गई है। स्वीकृति मिलने पर इलेक्ट्रिक इंजन से हमसफर और रांची एक्सप्रेस का परिचालन शुरू किया जाएगा। इसके बाद भागलपुर स्टेशन पर दोनों दिशाओं में न तो इंजन बदलने की समस्या नहीं रहेगी और न ही इसके लिए ज्यादा देर तक ट्रेनें रुकेगी। अभी इंजन बदलने के लिए अप में भागलपुर में हमसफर एक्सप्रेस 55 मिनट और रांची एक्सप्रेस 30 मिनट व डाउन में हमसफर एक्सप्रेस 30 मिनट एवं रांची एक्सप्रेस 20 मिनट तक रुकती है। हमसफर एक्सप्रेस हर सोमवार को भागलपुर होकर गोड्डा से नई दिल्ली के लिए चलती है।

 

गोड्डा से भागलपुर शाम 4:35 बजे पहुंचती है और इंजन बदलने पर 55 मिनट बाद शाम 5:30 बजे रवाना होती है। रांची एक्सप्रेस प्रत्येक बुधवार, शुक्रवार व रविवार को चलती है। यह ट्रेन गोड्डा से शाम 4:35 बजे भागलपुर पहुंचती है। डीजल इंजन की जगह इलेक्ट्रिक इंजन बदलने के बाद शाम 5:05 बजे यहां से रवाना होती है। वहीं ट्रैक बदलने की समस्या के कारण दोनों दिशाओं में हमसफर एवं रांची एक्सप्रेस का हंसडीहा स्टेशन पर काफी देर तक ठहराव होता है। हमसफर एक्सप्रेस 30 मिनट तो रांची एक्सप्रेस 25 मिनट तक रुकती है।

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फिर भागलपुर के लोगों ठगे गये, मुंगेर – मिर्जाचौकी NH का काम अब 2 साल बाद शुरू होगा

घोरघट (मुंगेर)-मिर्जाचौकी एनएच-80 के निर्माण पर ग्रहण लग गया है। ठीकेदार ने निर्माण कार्य में आर्थिक नुकसान होने का हवाला दे काम करने से इन्कार कर दिया। अब मामला री-टेंडर में फंस गया है। इस प्रक्रिया से गुजर कर निर्माण कार्य शुरू होने में अब डेढ़ साल का वक्त लगेगा। महाराष्ट्र के औरंगाबाद की एजी कंस्ट्रक्शन कंपनी को टेंडर आवंटित हुआ था। कंपनी ने निर्धारित टेंडर राशि से 25 प्रतिशत कम दर पर टेंडर लिया था। लेकिन जब एग्रीमेंट और सिक्युरिटी मनी जमा करने के बारी आई तो ठीकेदार पीछे हट गया।

 

दो भाग में हुआ था सड़क का टेंडर

दो भाग में सड़क का टेंडर हुआ था। घोरघट से दोगच्छी नाथनगर और जीरोमाइल से मिर्जाचौकी तक। एजेंसी ने घोरघट-नाथनगर दोगच्छी के बीच निर्धारित टेंडर राशि 398.88 करोड़ से 25 फीसद कम 299.16 करोड़ में टेंडर किया था। इसी तरह जीरोमाइल-मिर्जाचौकी के बीच निर्धारित 484.88 करोड़ की राशि से 25 फीसद कम 363.66 करोड़ में टेंडर किया था। इस सड़क के लिए कुल 38 एजेंसियों ने टेंडर अपलोड किया था। सबसे कम दर पर टेंडर भरने के कारण एजी कंस्ट्रक्शन कंपनी को काम मिला था। एजेंसी द्वारा शपथ पत्र भी भरा गया था।

 

निर्माण कार्य के लिए 971 करोड़ की मिल चुकी है स्वीकृति

दो हिस्से में बनने वाली सड़क के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से 971 करोड़ राशि की स्वीकृति मिल चुकी है। सड़क 10 मीटर चौड़ी की जाएगी। आवश्कता अनुसार कुछ जगहों पर तीन तो कुछ जगहों पर सड़क फोरलेन भी होगी। कई पुल व एक सौ कलवर्ट का निर्माण होना है। सड़क किनारे पौधारोपण होना है। कहलगांव और पीरपैंती के बीच टोल प्लाजा बनना है। सड़क निर्माण में बाधक बने बिजली खंभे, चापाकल और जलापूर्ति पाइपों को हटाया जाएगा। इसपर 50 करोड़ रुपये खर्च होंगे। दो चरणों में सड़क का निर्माण होना है। जीरोमाइल से पीरपैंती के बीच सड़क के दोनों ओर ड्रेन बनेगा। इसका उपयोग फुटपाथ के रूप में होना है। जीरीमाइल, सबौर, घोघा, पीरपैंती, त्रिमुहान, शिवनारायणपुर के पास जंक्शन (गोलंबर) बनना है। इसके लिए भू-अर्जन की प्रक्रिया चल रही है।

 

प्रतिदिन 25-30 हजार वाहनों का होता है परिचालन

इस मार्ग पर प्रतिदिन 25-30 हजार वाहनों का परिचालन होता है। यह व्यावसायिक कार्यों का मुख्य मार्ग है। मिर्जाचौकी से बिहार, नेपाल, पश्चिम बंगाल में पत्थर की आपूर्ति इसी मार्ग की जाती है। कहलगांव एनटीपीसी से सहरसा, मधेपुरा, बेगूसराय, पूर्णिया और किशनगंज फ्लाईएश ले जाने का भी यही मुख्य मार्ग है।

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भागलपुर को मिला पहला Water Park, काम शुरू किया गया, स्पीड बोट से लेकर रंग बिरंगी मछलियाँ सब मिलेगा एक जगह

रेशमी शहर पर्यटकों के लिए तैयार होने लगा है। यह न सिर्फ सूबे के लिए बल्कि पर्यटकों को लुभाएगा। सांस्कृतिक और मनोरंजक गतिविधियों का केंद्र बनेगा। विदेशों की तर्•ा पर खास तरीके से वाटर पार्क व रिवर फ्रंट बनेगा। इससे पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, साथ ही आर्थिक तौर मजबूत होगा। स्मार्ट सिटी की योजना से भैरवा तालाब में को वाटर पार्क और बरारी पुल घाट पर रिवर फ्रंट का निर्माण शुरू हो गया है। दोनों योजनाओं पर अलग-अलग कंपनियों ने कार्य शुरू कर दिया है। अगले दो वर्षों में कार्य पूरा होगा। कंपनी सर्वे कर डिजाइन तैयार कर रही है।

 

भैरवा तालाब के सुंदरीकरण पर 166 करोड़

साहेबगंज स्थित भैरवा तालाब के 15.60 एकड़ क्षेत्र में सुंदरीकरण पर 166 करोड़ रुपये खर्च किया जाएगा। यहां वाटर पार्क के साथ वाटर स्पोट््र्स के लिए योगी, सोम्य व केवडिय़ा कंस्ट्रक्शन कंपनी संयुक्त रूप से कार्य मिला है। कंपनी पिछले एक माह से सर्वे का कार्य कर रही है। इसके साथ तालाब से पानी निकालने का कार्य तेजी से चल रहा है। छठ के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा। कार्य स्थल पर निर्माण संबंधी उपकरण लगाने की तैयार की जा रही है। चारदीवारी और पुराने संरचना तोडऩे की तैयारी की जा रही है।

 

भैरवा तालाब में यह मिलेगी सुविधा

तालाब में शीशा का अंडरग्राउंड गुफा बनाया जाएगा। इस गुफा नुमा इक्यूरम में पर्यटक रंग-बिरंगी मछलियों का दीदार कर सकेंगे। तालाब के बीच झरना व वाटर शो का भी लोग आनंद ले सकेंगे। वाटर स्पोटर्स की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। तालाब के तटवर्ती क्षेत्र में करीब आठ एकड़ जमीन पर बच्चे और बुजुर्गों के लिए पार्क समेत 35 तरह के काम कराए जाएंगे। तालाब में एक छोर से दूसरे सिरे तक ग्लास ओवरब्रिज बनेगा। प्रवेश द्वार पर मूर्तिकला द्वार, आउटडोर खेलकूद उपकरण सीसीटीवी कैमरे, इमरजेंसी लाइट आक्यूपेंसी सेंसर का कार्य कराया जाएगा। सरप्राइज फाउंटेन की स्थापना, सड़क के दोनों ओर फुटपाथ, पार्किंग की सुविधा होगी। यहां छठ घाट का निर्माण, शेड एवेन्यू, रेस्टोरेंट, स्ट्राम वाटर ड्रेन पर कार्य होगा।

 

रिवर फ्रंट के लिए कंपनी ने शुरू किया कार्य

बरारी में गंगा घाट पर स्मार्ट सिटी की योजना से रिवर फ्रंट का निर्माण होगा। बरारी श्मशान घाट से सीढ़ी घाट तक करीब 1.1 किलोमीटर दूरी तक कार्य होगा। यहां लेजर शो लोगों के लिए अकर्षण का केंद्र बनेगा। इस दिशा में वात्सल्य इंफ्रास्ट्रक्चर ने कार्य शुरू कर दिया है। विक्रमशिला सेतु के नीचे मिक्चर मशीन स्थापित किया जा रहा है। कंपनी सर्वे कर डिजाइन तैयार रही है। डीपीआर में कुछ फेरबदल की भी संभावना है। घाट की मापी को लेकर प्रशासन ने अमीन से छठ पर्व तक समय दिया है। पुल घाट से चार दर्जन से अधिक अतिक्रमण हटाया जाएगा। इस योजना से श्मशान घाट में दो विद्युत शवदाह गृह का निर्माण होगा।

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भागलपुर में ख़रीददारी करने निकल रहे हैं तो ध्यान दे, हर दुकान पर तराज़ू और इलेक्ट्रोनिक तराजू दोनो से तौलना है ज़रूरी

अगर दुकानदार तराजू के साथ बांट नहीं रखा तो कार्रवाई तय है। तराजू के साथ बांट रखना आवश्यक है। 

तराजू के साथ बांट नहीं रखने वाले कई दुकानदारों पर हाल के दिनों में कार्रवाई हुई है। माप-तौल अधिकारी अजय कुमार ने बताया कि इलेक्ट्रोनिक तराजू से कई दुकानदार ग्राहकों को ठग रहे हैं। जानकारी अभाव में ग्राहक ठगे जा रहे हैं। उन्हें यह पता नहीं है कि वे दुकानदार के तराजू की जांच कर सकते हैं। अगर हम इलेक्ट्रोनिक तराजू से एक किलो सामान खरीदते हैं और हमको शक होता है कि सामान कम है तो हम दुकानदार से बांट मांगेंगे। बाट तराजू पर रखकर कंफर्म हो जाएंगे कि हमें कम सामान मिला है या नहीं। कम सामान देने वाले दुकानदार पर कार्रवाई की जाएगी।

 

तीन कारोबारी के यहां छापेमारी

तराजू की जांच नहीं कराने वाले 22 दुकानदारों पर मापतौल विभाग ने कार्रवाई की है। विभाग की ओर से सोना-चांदी के तीन कारोबारी के यहां छापेमारी की गई। इन दुकानदारों ने तराजू का वेरीफिकेशन नहीं कराया था। बर्त्तन के दो दुकानदारों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। इसके अलावा छड़-सीमेंट, मिठाई, खाद-बीज और गैस एजेंसी के विरुद्ध कार्रवाई हुई है। मापतौल अधिकारी अजय कुमार ने बताया कि इलेक्ट्रोनिक तराजू और कांटा का वेरीफिकेशन नहीं कराने वाले दुकानदारों पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि लगातार दुकानों में जाकर तराजू की जांच की जा रही है। गलत पाए जाने पर जुर्माना किया जा रहा है।

 

 

पैक्स के तराजू की चल रही जांच

धान की खरीद के पूर्व पैक्स के तराजू की जांच चल रही है। 109 पैक्स की सूची जिला सहकारिता विभाग द्वारा मापतौल विभाग को उपलब्ध कराया गया है। 22 पैक्स के तराजू का सत्यापन अभी तक हो चुका है। शेष पैक्स के तराजू का सत्यापन किया जा रहा है। तराजू की जांच नहीं कराने वाले 22 दुकानदारों पर हुई कार्रवाई कम सामान देने वाले दुकानदारों पर कसेका शिकंजा